स्थानीय स्तर पर लोगों को फंसाने का आरोप
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपी जिले के अलग-अलग इलाकों के रहने वाले हैं. इनमें बुधराम गोप, दुर्योधन कुमार उर्फ बिरजू और तुराम कांडेयांग उर्फ अरुण शामिल हैं. प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ये लोग बेहतर रोजगार और अधिक कमाई का लालच देकर ग्रामीणों को अपने झांसे में लेते थे. इसके बाद उन्हें दूसरे राज्यों में भेजने की साजिश रची जाती थी. पूछताछ के बाद तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है.
होटल में छापेमारी के दौरान हुआ था खुलासा
यह मामला 17 मई 2026 को सामने आया था, जब पुलिस को सूचना मिली कि चक्रधरपुर के एक होटल में कई लोगों को रोककर रखा गया है. एसपी अमित रेनू के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने श्रम विभाग, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, कर्रा सोसाइटी फॉर रूरल एक्शन और चाइल्डलाइन के साथ संयुक्त कार्रवाई की. छापेमारी के दौरान 30 महिला और पुरुष मजदूरों के साथ छह नाबालिग बच्चों को सुरक्षित मुक्त कराया गया. पुलिस ने मजदूरों को गुजरात ले जाने की तैयारी में इस्तेमाल की जा रही बस संख्या OR 11H 0797 भी जब्त कर ली.
गुजरात के दो आरोपी पहले ही गिरफ्तार
इस मामले में इससे पहले गुजरात के मोरवी और राजकोट से जुड़े दो मुख्य आरोपियों निकुंज गोविंद बोरसानिया और कादिवार निलेश भाई जयेन्द्र भाई शाह को गिरफ्तार किया जा चुका है. दोनों फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं और उनके खिलाफ चक्रधरपुर थाना में विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज है. वहीं, बाल कल्याण समिति के निर्देश पर मुक्त कराए गए छह बच्चों को काउंसलिंग और देखभाल के लिए चाइल्डलाइन को सौंप दिया गया है. पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और मानव तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश की जा रही है.