Jharkhand Maoist Surrender: झारखंड में चल रहे नक्सल विरोधी अभियान के बीच सुरक्षा एजेंसियों के हाथ बड़ी सफलता लगने की खबर है. विश्वसनीय सूत्रों का कहना है कि भाकपा (माओवादी) संगठन से जुड़े 20 से ज्यादा उग्रवादियों ने रविवार को आत्मसमर्पण कर दिया है. हालांकि, पुलिस इस पूरे घटनाक्रम का आधिकारिक खुलासा 28 जुलाई को रांची स्थित पुलिस मुख्यालय में करेगी.
इनामी कमांडर भी लौटे मुख्यधारा में
सूत्रों के मुताबिक, सरेंडर करने वालों में 15 लाख रुपये के इनामी जोनल कमांडर का नाम भी शामिल है. इसके अलावा 5 लाख से 10 लाख रुपये तक के इनामी कई अन्य माओवादी कैडरों ने भी हथियार छोड़ने का फैसला लिया है. जानकारी यह भी है कि आत्मसमर्पण करने वालों में रीजनल कमांडर और सब-जोनल कमांडर स्तर के सदस्य भी शामिल हैं.
सुरक्षा एजेंसियों ने फिलहाल गोपनीय रखी पूरी प्रक्रिया
बताया जा रहा है कि सभी उग्रवादियों ने अपने हथियारों के साथ सुरक्षा एजेंसियों के समक्ष आत्मसमर्पण किया. सुरक्षा कारणों से फिलहाल उनकी पहचान और अन्य जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है. पुलिस मुख्यालय में 28 जुलाई को आयोजित कार्यक्रम के दौरान पूरे मामले की आधिकारिक जानकारी साझा किए जाने की संभावना है.
अभियान के लिए अहम मानी जा रही उपलब्धि
यदि पुलिस इस सरेंडर की पुष्टि करती है, तो इसे झारखंड में माओवाद के खिलाफ चल रही कार्रवाई की महत्वपूर्ण सफलता माना जाएगा. बीते कुछ वर्षों में लगातार अभियान और सरकार की पुनर्वास नीति के कारण कई इनामी नक्सलियों ने हिंसा छोड़कर सामान्य जीवन अपनाया है. समाचार लिखे जाने तक झारखंड पुलिस की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है.