Jamshedpur News : एमजीएम मेडिकल कॉलेज के दो जूनियर डॉक्टरों सक्षम सिंह और समीर लाल की डिमना लेक से जुड़े जलाशय में डूबने से हुई मौत का मामला अब नए मोड़ पर पहुंच गया है। परिजनों के दावों, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और शुरुआती जांच में सामने आए तथ्यों ने पूरे घटनाक्रम को और अधिक संवेदनशील बना दिया है। पुलिस अब हर पहलू की गहन जांच में जुटी है।
डिमना पहुंचने से पहले हाथापाई, अस्पताल में कराई थी ड्रेसिंग
मृतक सक्षम सिंह के पिता सत्येंद्र कुमार सिंह का दावा है कि डिमना डैम जाने से पहले सक्षम, समीर और उनके साथी यश के बीच हाथापाई हुई थी। इस दौरान सक्षम और समीर की उंगलियों में चोट लगी, जिसके बाद दोनों ने एमजीएम अस्पताल पहुंचकर ड्रेसिंग कराई। इसके बावजूद देर रात तीनों डिमना डैम पहुंचे, जहां कुछ ही देर बाद दोनों की डूबने से मौत हो गई।
पोस्टमार्टम से पहले बोड़ाम थाना प्रभारी नीरज कुमार की मौजूदगी में दोनों शवों का पंचनामा तैयार किया गया। इस दौरान सक्षम सिंह के पिता ने लिखित टिप्पणी में आरोप लगाया कि उनके बेटे को साजिश के तहत पानी में डालकर उसकी मौत कराई गई। वहीं समीर लाल के पिता अजय लाल ने भी अपने पुत्र की मौत को संदेहास्पद बताते हुए पंचनामा में टिप्पणी दर्ज कराई। हालांकि दोनों परिवारों ने अब तक औपचारिक रूप से हत्या का आरोप नहीं लगाया है, लेकिन उनके बयानों ने जांच की दिशा बदल दी है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में क्या मिला, क्या नहीं?
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दोनों शवों पर ताजा संघर्ष, मारपीट या गंभीर बाहरी चोट के कोई निशान नहीं मिले। चिकित्सकों के अनुसार सक्षम सिंह के बाएं हाथ और समीर लाल के दाएं हाथ की एक-एक उंगली पर पुराने जख्म मिले, जिन पर मेडिकल टेप लगी हुई थी। डॉक्टरों का मानना है कि ये चोटें डूबने की घटना से पहले लगी थीं और संभवतः पहले हुए विवाद के दौरान आई थीं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों मृतकों का बिसरा सुरक्षित रख लिया गया है। अदालत की अनुमति मिलने के बाद इसे रांची स्थित फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला भेजा जाएगा, जहां वैज्ञानिक जांच के जरिए मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि करने की कोशिश की जाएगी।
फोरेंसिक रिपोर्ट और पुलिस जांच पर टिकी सबकी नजर
पुलिस अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक जांच, पंचनामा में दर्ज टिप्पणियों, अस्पताल की ड्रेसिंग रिकॉर्ड और घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ रही है। साथ ही, घटना से पहले तीनों जूनियर डॉक्टरों के बीच हुए कथित विवाद और उसके बाद डिमना डैम जाने की परिस्थितियों की भी जांच की जा रही है।
फिलहाल पुलिस ने किसी भी संभावना से इनकार नहीं किया है। अधिकारियों का कहना है कि अंतिम निष्कर्ष केवल वैज्ञानिक साक्ष्यों और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर ही निकाला जाएगा। ऐसे में अब इस पूरे मामले में फोरेंसिक रिपोर्ट और पुलिस की अंतिम जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।