Current News : राहुल गांधी ने जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शन के दौरान कथित लाठीचार्ज और बल प्रयोग को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर कई गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर अत्यधिक बल प्रयोग किया गया और इसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए।
शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर बल प्रयोग का आरोप
राहुल गांधी ने अपने पत्र में लिखा कि प्रदर्शन कर रहे छात्र निष्पक्ष और जवाबदेह शिक्षा व्यवस्था की मांग कर रहे थे, लेकिन उनकी बात सुनने के बजाय सुरक्षा बलों ने कथित तौर पर लाठीचार्ज, आंसू गैस और अन्य बल प्रयोग का सहारा लिया। उन्होंने दावा किया कि इस कार्रवाई में सैकड़ों छात्र घायल हुए और महिला प्रदर्शनकारियों के साथ भी दुर्व्यवहार किया गया।
पैलेट गन के इस्तेमाल पर उठाए सवाल
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि छात्रों पर पैलेट गन का भी इस्तेमाल किया गया। उन्होंने 19 वर्षीय छात्र साहिल लोछाब का उल्लेख करते हुए कहा कि वह गंभीर रूप से घायल है और उसकी एक आंख की रोशनी जाने का खतरा बना हुआ है।
अपने पत्र में राहुल गांधी ने गृह मंत्री अमित शाह से पूछा कि क्या छात्रों के खिलाफ पैलेट गन सहित कथित घातक बल प्रयोग की अनुमति उन्होंने दी थी। यदि नहीं, तो इसकी मंजूरी किस स्तर पर दी गई और किसके आदेश पर यह कार्रवाई हुई?
सादे कपड़ों में मौजूद लोगों की भूमिका पर भी सवाल
राहुल गांधी ने यह भी पूछा कि प्रदर्शन के दौरान सादे कपड़ों में छात्रों को लाठियों से पीटते दिखाई दे रहे लोग पुलिसकर्मी थे या कोई अन्य व्यक्ति। उन्होंने जानना चाहा कि उन्हें किसके आदेश पर तैनात किया गया था।
पत्र में राहुल गांधी ने कहा कि किसी भी लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध का सम्मान किया जाना चाहिए। सरकार की जिम्मेदारी प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और उनकी शिकायतों का समाधान बातचीत के जरिए करने की है। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत हैं और देश के युवा इस पूरे मामले में जवाब मांग रहे हैं।