Koderma News: झारखंड के कोडरमा जिले के मरकच्चो प्रखंड में जंगली हाथियों के झुंड ने पिछले तीन दिनों से लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। रविवार देर रात पपलो पंचायत के खंडराडीह गांव में एक हाथी ने ग्रामीण केदार यादव पर हमला कर दिया। हमले में उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे इलाके में भय और शोक का माहौल है, जबकि ग्रामीण रातभर जागकर अपनी सुरक्षा करने को मजबूर हैं।
पुलिस की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा
हाथियों का आतंक गांवों से निकलकर नवलशाही थाना परिसर तक भी पहुंच गया। शनिवार रात झुंड ने कोडरमा-गिरिडीह मुख्य मार्ग पर थाने के पास लगी बैरिकेडिंग को तोड़ दिया और परिसर की ओर बढ़ने लगा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसआई रवि प्रकाश पंडित ने मशाल और पटाखों की मदद से हाथियों को वापस जंगल की ओर खदेड़ा। इस दौरान अफरा-तफरी के बीच एक हाथी सड़क किनारे खड़े वाहन से भी टकरा गया, हालांकि समय रहते बड़ा हादसा टल गया।
हाथियों ने घरों में मचाई तबाही, फसलें रौंदीं
इससे पहले शुक्रवार रात हाथियों ने पपलो, अम्बाडीह और खंडहराडीह गांवों में कई घरों को निशाना बनाया। भोजन की तलाश में पहुंचे हाथियों ने कई ग्रामीणों के मकानों के दरवाजे और खिड़कियां तोड़ दीं। इसके अलावा धान की रोपाई के लिए तैयार किए गए बिचड़ों को रौंद दिया, जिससे अनेक किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया और उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
वन विभाग पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा
लगातार हो रही इन घटनाओं से स्थानीय लोगों में वन विभाग के खिलाफ नाराजगी बढ़ती जा रही है। पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों का कहना है कि हर साल हाथियों का झुंड इलाके में तबाही मचाता है, लेकिन शिकायत और आवेदन देने के बावजूद न तो प्रभावी रोकथाम की व्यवस्था होती है और न ही प्रभावित परिवारों को समय पर मुआवजा मिल पाता है। ग्रामीणों ने वन विभाग से तत्काल राहत, सुरक्षा और स्थायी समाधान की मांग की है।