टक्कर के बाद केबिन में फंसे दोनों लोग
स्थानीय लोगों के मुताबिक टक्कर इतनी तेज थी कि जोरदार आवाज दूर तक सुनाई दी. सूचना मिलने पर कोडरमा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आसपास के लोगों की मदद से काफी देर की मशक्कत के बाद दोनों शवों को ट्रक की केबिन से बाहर निकाला. इसके बाद शवों को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया गया. मृतकों की पहचान साधु यादव और छोटू कुमार के रूप में हुई है. दोनों बिहार के नवादा जिले के रहने वाले थे
लगातार हादसों से बढ़ रही चिंता
कोडरमा घाटी में पिछले कुछ समय से सड़क दुर्घटनाओं की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि घाटी के तीखे मोड़, तेज रफ्तार और नो-पार्किंग क्षेत्र में खड़े वाहनों की वजह से दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है. इससे यहां सफर करने वाले वाहन चालकों और यात्रियों में डर का माहौल बना हुआ है.
सुरक्षा उपाय बढ़ाने की उठी मांग
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से घाटी के संवेदनशील हिस्सों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है. उनका कहना है कि खतरनाक मोड़ों पर रेडियम संकेतक लगाए जाएं और नो-पार्किंग क्षेत्र में खड़े वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके. फिलहाल पुलिस मामले की आवश्यक कार्रवाई में जुटी हुई है.