Mango Municipal Corporation: जमशेदपुर के मानगो नगर निगम कार्यालय के बाहर एनडीए के घटक दलों के साथ धरने पर बैठे जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने नगर निगम की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए. उन्होंने आरोप लगाया कि मानगो नगर निगम में जनसुविधाओं की अनदेखी हो रही है, विकास योजनाएं ठप हैं और भुगतान के नाम पर कमीशनखोरी का खेल चल रहा है.
सरयू राय ने कहा कि मानगो में सबसे बड़ी समस्या पेयजल की है. कई इलाकों में लोगों को केवल 10 से 15 मिनट पानी मिल रहा है, जबकि कुछ मोहल्लों में दो-तीन दिन बाद जलापूर्ति हो रही है. कई जगह आधी रात को पानी छोड़ा जा रहा है, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है.
उन्होंने कहा कि सफाई व्यवस्था भी पूरी तरह बदहाल है. नगर निगम केवल कूड़ा उठाने तक सीमित है, जबकि उसका वैज्ञानिक निस्तारण नहीं किया जा रहा. उन्होंने कहा कि कानून के अनुसार कचरे का अलग-अलग प्रबंधन और उसका प्रसंस्करण जरूरी है, लेकिन इस दिशा में कोई काम नहीं हो रहा.
“नगर निगम को 2029 के चुनाव का माध्यम बनाया जा रहा”
सरयू राय ने आरोप लगाया कि नगर निगम का इस्तेमाल जनता की समस्याएं दूर करने के बजाय राजनीतिक लाभ के लिए किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि कुछ लोग 2029 के चुनाव को ध्यान में रखकर नगर निगम चला रहे हैं, जबकि जनता की मूलभूत समस्याएं लगातार बढ़ती जा रही हैं.
उन्होंने कहा कि नव निर्वाचित वार्ड पार्षदों के साथ मिलकर क्षेत्र की समस्याओं की निगरानी की जाएगी. कार्यकर्ताओं को भी निर्देश दिया गया है कि वे नियमित रूप से वार्डों का दौरा कर लोगों की परेशानियों की जानकारी लें.
“पार्षद दो प्रतिशत, मेयर अलग से कमीशन मांग रही हैं”
विधायक ने सोशल मीडिया पर सामने आए एक ठेकेदार के आरोपों का जिक्र करते हुए कहा कि एक पार्षद पर भुगतान के लिए दो प्रतिशत कमीशन मांगने का आरोप लगा है, जबकि मेयर पर अलग से कमीशन मांगने की बात कही गई है. उन्होंने कहा कि यदि भुगतान के लिए कमीशन लिया जाएगा तो नगर निगम कभी जनता के हित में काम नहीं कर सकेगा. पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए.
“वेतन नहीं लेंगी तो क्या कमीशन से भरपाई करेंगी?”
सरयू राय ने मेयर के उस बयान पर भी सवाल उठाया, जिसमें उन्होंने वेतन नहीं लेने की बात कही थी. उन्होंने कहा कि वेतन लेना या नहीं लेना व्यक्तिगत फैसला हो सकता है, लेकिन यदि उसकी भरपाई कमीशन से की जाए तो यह स्वीकार्य नहीं हो सकता.
लंबित योजनाओं और अधिकारियों की कार्यशैली पर भी उठाए सवाल
उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी कई विकास योजनाओं को जानबूझकर रोका गया है. उपायुक्त की बैठक में योजनाएं आगे बढ़ाने का निर्देश दिए जाने के बावजूद नगर निगम ने कोई कार्रवाई नहीं की. सरयू राय ने नगर आयुक्त पर भी नाराजगी जताई. उन्होंने कहा कि एक महीने पहले भेजे गए पत्र का आज तक जवाब नहीं मिला. विधानसभा सत्र में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया जाएगा.
“पार्षद चाहें तो मेयर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव ला सकते हैं”
उन्होंने कहा कि यदि वार्ड पार्षद लगातार उपेक्षा महसूस करेंगे तो नगर पालिका अधिनियम के तहत अविश्वास प्रस्ताव लाकर मेयर को हटाने का अधिकार उनके पास है. सरयू राय ने कहा कि जनता ने पार्षदों को अपने क्षेत्र की समस्याएं उठाने के लिए चुना है. इसलिए उनकी बात सुनी जानी चाहिए, न कि उन्हें नजरअंदाज किया जाए.
धरने के दौरान सरयू राय ने कहा कि एनडीए मानगो नगर निगम में जनता से जुड़े हर मुद्दे पर नजर रखेगा. यदि भ्रष्टाचार, कमीशनखोरी और विकास कार्यों में लापरवाही जारी रही तो आंदोलन और तेज किया जाएगा.