PM Modi Meeting: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हुई अहम बैठक में प्रशासनिक सुधार, कौशल विकास और नागरिक-केंद्रित शासन को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि बदलती दुनिया और नई चुनौतियों के बीच सरकार को भी अपनी कार्यशैली में लगातार बदलाव लाना होगा. साथ ही युवाओं के कौशल, प्रभावी संवाद और पारदर्शी प्रशासन को भविष्य की प्राथमिकता बताया.
भविष्य की जरूरतों के अनुरूप हो सरकारी कार्यशैली
वित्त, वाणिज्य, उद्योग और प्रौद्योगिकी जैसे प्रमुख मंत्रालयों के सचिवों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक में प्रधानमंत्री ने प्रशासन को अधिक चुस्त और आधुनिक बनाने पर जोर दिया. बैठक के बाद जारी बयान के अनुसार उन्होंने कहा कि सरकार को नई तकनीकों, बदलते वैश्विक माहौल और उभरती चुनौतियों के अनुरूप खुद को लगातार तैयार रखना होगा. उन्होंने अधिकारियों से नवाचार को बढ़ावा देने और निर्णय लेने की प्रक्रिया को अधिक तेज व प्रभावी बनाने की अपील की.
युवाओं के कौशल और उद्योगों की जरूरतों पर जोर
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के युवाओं को भविष्य के रोजगार के लिए तैयार करना सरकार की अहम जिम्मेदारी है. उन्होंने उद्योग जगत के साथ नियमित समन्वय बढ़ाने और उनकी जरूरतों के अनुसार प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार करने की बात कही. उनका कहना था कि बड़ी संख्या में इंजीनियर और अन्य पेशेवर तैयार हो रहे हैं, लेकिन उपलब्ध कौशल और उद्योगों की मांग के बीच मौजूद अंतर को कम करना जरूरी है. इसके लिए युवा उद्यमिता और स्किल डेवलपमेंट को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए.
सही जानकारी और नागरिक हित को बनाया प्राथमिकता
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने गलत सूचना और अफवाहों के प्रभावी मुकाबले की आवश्यकता भी बताई. उन्होंने कहा कि बड़े नीतिगत फैसलों के समय लोगों तक समय पर और सटीक जानकारी पहुंचाना जरूरी है, ताकि भ्रम की स्थिति न बने. इसके साथ ही उन्होंने अधिकारियों से प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने, संस्थागत क्षमता मजबूत करने और हर सरकारी नीति के केंद्र में आम नागरिक को रखने पर बल दिया. प्रधानमंत्री ने कहा कि सुधार एक सतत प्रक्रिया है और सरकार को पारदर्शी, जवाबदेह तथा नागरिकों की अपेक्षाओं के अनुरूप काम करते रहना चाहिए.