Jamshedpur: जमशेदपुर के डिमना लेक से एमजीएम (MGM) मेडिकल कॉलेज के दो जूनियर डॉक्टरों के शव बरामद होने की घटना के बाद कॉलेज प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। हॉस्टल से किसी भी प्रकार की सामग्री या सामान बाहर ले जाने की प्रक्रिया पर कड़े नियम लागू कर दिए गए हैं। अब किसी भी छात्र, डॉक्टर या परिजन को बिना लिखित अनुमति के हॉस्टल से सामान बाहर ले जाने की इजाजत नहीं दी जा रही है। शुक्रवार को इसी नियम के तहत एक जूनियर डॉक्टर और बाद में दिवंगत डॉक्टर के परिजनों को भी सुरक्षा कर्मियों ने गेट पर रोक दिया।
आरोपी जूनियर डॉक्टर का सामान गेट से वापस कराया गया
मिली जानकारी के अनुसार, सोनारी निवासी जूनियर डॉक्टर डॉ. यश बरछा अपने पिता के साथ टेंपो लेकर हॉस्टल पहुंचे थे। अपने कमरे से एसी समेत अन्य निजी सामान वाहन पर लादने के बाद जब वे मुख्य गेट से निकलने लगे, तो ड्यूटी पर तैनात सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोक लिया। सुरक्षा कर्मियों द्वारा लिखित अनुमति मांगने पर जब वे दस्तावेज नहीं दिखा सके, तो सामान बाहर नहीं ले जाने दिया गया। इसके बाद प्राचार्य और हॉस्टल वार्डन के निर्देश पर टेंपो को वापस हॉस्टल परिसर में ले जाकर सारा सामान दोबारा कमरे में रखवा दिया गया। इस पूरी प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग और सीसीटीवी (CCTV) फुटेज भी सुरक्षित रख ली गई है।
दिवंगत डॉक्टर के परिजनों को भी नहीं मिली इजाजत
इसी दिन शाम के समय दिवंगत जूनियर डॉक्टर डॉ. समीर कुमार के परिजन भी हॉस्टल स्थित उनके कमरे से सामान लेने पहुंचे। हालांकि, कॉलेज प्रशासन की लिखित स्वीकृति न होने के कारण सुरक्षा बलों ने उन्हें भी रोक दिया। परिजनों के काफी आग्रह के बावजूद सुरक्षा नियमों का हवाला देते हुए उन्हें बिना सामान लिए ही वापस लौटना पड़ा।
जांच प्रभावित न हो, इसलिए लागू रहेगा प्रतिबंध
कॉलेज प्रशासन का स्पष्ट कहना है कि डिमना लेक मामले की पुलिस जांच फिलहाल जारी है। ऐसे में किसी भी साक्ष्य या जांच प्रक्रिया को प्रभावित होने से बचाने के लिए हॉस्टल से सामान बाहर ले जाने पर यह अस्थायी रोक लगाई गई है। जब तक सक्षम प्राधिकारी द्वारा लिखित अनुमति जारी नहीं की जाती, तब तक किसी भी व्यक्ति को सामान ले जाने की अनुमति नहीं होगी।
हत्या की साजिश का आरोप
गौरतलब है कि 24 जुलाई को डिमना लेक से जूनियर डॉक्टर सक्षम सिंह और समीर कुमार (लाल) के शव बरामद किए गए थे। इस दुखद घटना के बाद दोनों मृतक डॉक्टरों के परिजनों ने बोड़ाम थाना में डॉ. यश बरछा के खिलाफ हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई है। फिलहाल पुलिस मामले से जुड़े सभी पहलुओं और साक्ष्यों की गहनता से पड़ताल कर रही है।