Riya Ahir Sharad Pawar Meeting: मुंबई की सड़कों पर छात्र आंदोलन के दौरान पुलिस वैन के सामने की तरह खड़ी होकर हिरासत में लिए गए छात्रों को छुड़ाने वाली मॉडल और अभिनेत्री रिया अहीर एक बार फिर जबरदस्त सुर्खियों में हैं. इस साहसिक कदम के बाद रातों-रात इंटरनेट सेंसेशन बनीं रिया अहीर ने हाल ही में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP-SP) के दिग्गज नेता शरद पवार से मुलाकात की है. इस मुलाकात की तस्वीरें सामने आते ही महाराष्ट्र के राजनीतिक गलियारों में रिया के सक्रिय राजनीति में प्रवेश करने की अटकलें तेज हो गई हैं.
मुलाकात के दौरान सुप्रिया सुले रहीं मौजूद, रिया को जान से मारने की धमकियां मिलने पर जताई चिंता
शरद पवार के साथ इस अहम मुलाकात के दौरान सांसद सुप्रिया सुले भी विशेष रूप से उपस्थित थीं. सुप्रिया सुले ने सोशल मीडिया पर रिया के प्रति अपना पूरा समर्थन जताते हुए उनके अदम्य साहस की सराहना की. इसके साथ ही सुले ने गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इस साहसी कदम के बाद रिया को जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं और उनकी तस्वीरों व वीडियो को मॉर्फ (Morph) करके उन्हें बदनाम करने की साजिश रची जा रही है. उन्होंने इसे लोकतंत्र विरोधी बताते हुए राज्य सरकार से रिया अहीर की सुरक्षा सुनिश्चित करने की कड़ी मांग की है.
शरद पवार के साथ-साथ MNS चीफ राज ठाकरे ने भी किया सम्मानित, गहराया राजनीतिक सस्पेंस
राजनीतिक दृष्टिकोण से सबसे दिलचस्प बात यह है कि महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के प्रमुख राज ठाकरे ने भी रिया अहीर के साहस की खुलकर तारीफ की और उन्हें सम्मानित किया. राज्य की अलग-अलग विचारधारा वाले दो बड़े और विरोधी धड़ों के बड़े नेताओं द्वारा किसी युवा चेहरे को इतना महत्व दिया जाना अपने आप में दुर्लभ है. यही वजह है कि रिया अहीर के अगले राजनीतिक कदम को लेकर सस्पेंस काफी गहरा गया है.
फैशन ब्रांड “रियासत” की मालकिन हैं रिया अहीर, कहा:- "अन्याय के खिलाफ आवाज उठाना इंसानियत"
रिया अहीर केवल एक प्रदर्शनकारी नहीं हैं, बल्कि मनोरंजन और फैशन जगत का एक स्थापित नाम हैं. वह अपना खुद का क्लोदिंग ब्रांड “रियासत” चलाती हैं और सुपरहिट म्यूजिक वीडियो “दिलबरा” समेत कई प्रोजेक्ट्स में नजर आ चुकी हैं. राजनीतिक अटकलों पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए रिया ने स्पष्ट किया कि वह किसी राजनीतिक एजेंडे या लाभ के लिए नहीं, बल्कि इंसानियत के नाते पीड़ित छात्रों के साथ खड़ी हुई थीं. उनका मानना है कि अन्याय के खिलाफ निर्भीक होकर आवाज उठाना हर नागरिक का मौलिक कर्तव्य है.