जेल की पुरानी रंजिश बनी जानलेवा
मामले की तफ्तीश के बारे में जानकारी देते हुए गोविंदपुर थाना प्रभारी पवन कुमार ने बताया कि गिरफ्तार मुख्य आरोपी जय कर्मकार ने कड़ाई से पूछताछ में अपना गुनाह स्वीकार कर लिया है. पूछताछ में सामने आया कि वर्ष 2022 में जय और गुलशन एक डकैती के केस में एक साथ जेल गए थे. सलाखों से बाहर आने के बाद किसी बात को लेकर दोनों के बीच मनमुटाव शुरू हो गया. समय के साथ यह मामूली विवाद गहराता गया और खूनी दुश्मनी में बदल गया.
बेरहमी से मारपीट के बाद रस्सी से घोंटा गला
पुलिस जांच के अनुसार, वारदात वाले दिन मुख्य आरोपी जय ने अपने 4 सहयोगियों के साथ मिलकर गुलशन को घेर लिया और उसकी बुरी तरह पिटाई की. जब गुलशन गंभीर चोटों के कारण अधमरा होकर गिर पड़ा, तो आरोपियों ने रस्सी से उसका गला घोंटकर जीवनलीला समाप्त कर दी. इसके बाद वारदात को ट्रेन से कटने या हादसे का रूप देने के लिए शव को रेलवे ट्रैक के पास फेंककर आरोपी मौके से फरार हो गए.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने बदला केस का रुख
शुरुआती दौर में पुलिस ने इस मामले में यूडी केस (अस्वाभाविक मौत) दर्ज कर छानबीन शुरू की थी. हालांकि, जब पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आई तो उसमें खुलासा हुआ कि युवक की मौत दम घुटने और गला दबाए जाने के कारण हुई है. इसके बाद पुलिस ने इसे तुरंत हत्या के मामले में तब्दील किया और सर्विलांस व तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर तफ्तीश आगे बढ़ाई, जिससे कातिल तक पहुँचने में सफलता मिली.
कत्ल में इस्तेमाल रस्सी जब्त, बाकी हमलावर फरार
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी जय कर्मकार की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल की गई रस्सी को बरामद कर लिया है. मुख्य आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वारदात में शामिल 4 अन्य फरार अभियुक्तों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए कई ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है.