Jharkhand High Court: झारखंड हाईकोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोपी अमर मंडल की याचिका पर सुनवाई पूरी कर ली है. सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है. अब इस मामले में कोर्ट के आदेश का इंतजार है.
अमर मंडल ने हाईकोर्ट में दाखिल अपनी क्रिमिनल रिट याचिका के जरिए प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा दर्ज ईसीआईआर (ECIR/RNZO/08/2023) को रद्द करने की मांग की है. इसके साथ ही उन्होंने एक अंतरिम आवेदन (IA) भी दाखिल किया है.
सुनवाई के दौरान ईडी की ओर से वरीय अधिवक्ता अमित कुमार दास और अधिवक्ता सौरव कुमार ने अदालत में पक्ष रखा. इससे पहले कोर्ट इस मामले में ईडी की आगे की कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगा चुकी है.
याचिकाकर्ता का कहना है कि जिस मूल आपराधिक मामले के आधार पर ईडी ने उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया था, उसमें उन्हें पहले ही अदालत से बरी किया जा चुका है. ऐसे में उसी आधार पर दर्ज ईसीआईआर को जारी रखने का कोई कानूनी आधार नहीं बचता.
अमर मंडल की ओर से सुप्रीम कोर्ट के विजय मदनलाल चौधरी मामले में दिए गए फैसले का भी हवाला दिया गया. उनका तर्क है कि जब मूल अपराध (Scheduled Offence) ही समाप्त हो गया है, तो उससे जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग की कार्रवाई भी स्वतः समाप्त होनी चाहिए.
याचिका में बताया गया है कि अमर मंडल के खिलाफ पोरैयाहाट थाना कांड संख्या 7/2019 दर्ज था. बाद में इस मामले में उन्हें बरी कर दिया गया. इसी प्राथमिकी को आधार बनाकर ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया था.
अब सभी पक्षों की बहस पूरी होने के बाद हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है. इस मामले में अंतिम आदेश आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि ईडी की कार्रवाई जारी रहेगी या नहीं.