Bokaro Missing Girl Case: बोकारो की 14 वर्षीय लापता बच्ची के मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण टिप्पणी की है. अदालत ने कहा कि अगर जांच की आवश्यकता हुई तो इस मामले को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंपा जा सकता है.
सुनवाई के दौरान, सीआईडी ने अदालत को बताया कि जांच के दौरान बच्ची के सोशल मीडिया अकाउंट से कुछ महत्वपूर्ण जानकारी मिली है. इन जानकारियों की पुष्टि और आगे की जांच के लिए मेटा से डेटा प्राप्त करना जरूरी होगा. सीआईडी ने अदालत को यह भी बताया कि मामला संभावित रूप से क्रॉस बॉर्डर प्रकृति का हो सकता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डेटा हासिल करने की प्रक्रिया अपनानी पड़ेगी.
सीआईडी की दलील सुनने के बाद, हाईकोर्ट ने कहा कि ऐसे मामलों में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो के पास राज्य पुलिस की तुलना में अधिक अधिकार और संसाधन उपलब्ध होते हैं. इसलिए, अगर जांच की दिशा और परिस्थितियां इसकी मांग करती हैं तो मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो को सौंपने पर विचार किया जा सकता है.
जांच एजेंसी ने अदालत को यह भी जानकारी दी कि लापता बच्ची का फेसबुक अकाउंट अब भी सक्रिय है. हालांकि, उससे जुड़ा डेटा प्राप्त करने के लिए मेटा से विधिवत अनुमति लेना आवश्यक होगा. इसी आधार पर आगे की जांच को आगे बढ़ाया जाएगा.
यह मामला 16 अक्टूबर 2020 का है, जब बोकारो की 14 वर्षीय बच्ची रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गई थी. घटना के बाद, पिंडराजोरा थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी. शुरुआती जांच में पुलिस ने इसे अपहरण का मामला मानते हुए अनुसंधान शुरू किया था. घटनास्थल से बच्ची की साइकिल, चप्पल, और किताबें बरामद हुई थीं. वर्तमान में, पूरे मामले की जांच सीआईडी कर रही है. मामले की अगली सुनवाई 11 अगस्त को निर्धारित की गई है.