Jamshedpur Rural News: पोटका प्रखंड अंतर्गत हल्दीपोखर रेलवे साइडिंग में कोयला चोरी का विरोध करना एक ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी के लिए भारी पड़ गया। साइडिंग पर कोयले से लदी मालगाड़ी (रैक) के पहुंचते ही सक्रिय कोयला चोरों का गिरोह मौके का फायदा उठाकर खुलेआम चोरी को अंजाम दे रहा है। जब वहां मौजूद कर्मचारी ने इस अवैध काम को रोकने की कोशिश की, तो हमलावरों ने उन पर जानलेवा हमला बोल दिया। इस घटना के बाद से ही इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
विरोध करने पर शैलेंद्र दुबे पर बरसाए पत्थर
मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना गुरुवार रात की है। रेलवे साइडिंग में तैनात कर्मी शैलेंद्र दुबे ने जब कुछ लोगों को अवैध रूप से कोयला ले जाते देखा, तो उन्होंने फौरन उन्हें रोकने की कोशिश की। इसी बात को लेकर चोरों और कर्मी के बीच बहस शुरू हो गई, जो देखते ही देखते हिंसक हो गई। आरोप है कि चोरों के गिरोह ने शैलेंद्र दुबे पर अंधाधुंध पथराव कर दिया। सिर और शरीर पर गंभीर चोट लगने के कारण वे वहीं खून से लथपथ होकर गिर पड़े, जिसके बाद हमलावर कोयला समेटकर अंधेरे का फायदा उठाते हुए भाग निकले। घायल कर्मचारी को तुरंत स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
सुरक्षा बल की कमी से कंपनियों को भारी नुकसान
इस घटना के बाद स्थानीय नागरिकों और कोयला डंप कराने वाली कंपनियों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। लोगों का कहना है कि साइडिंग पर रैक लगने के दौरान सुरक्षाकर्मियों की पर्याप्त मौजूदगी नहीं रहती, जिससे असामाजिक तत्वों के हौसले बुलंद हैं। चोरी की इन लगातार वारदातों से कंपनियों को भारी आर्थिक चपत लग ही रही है, साथ ही रात में काम करने वाले कर्मचारियों की जान पर भी हर वक्त खतरा मंडराता रहता है।
साइडिंग पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात
घटना से आक्रोशित लोगों ने रेलवे प्रशासन और पोटका पुलिस से हल्दीपोखर साइडिंग की सुरक्षा व्यवस्था को नए सिरे से पुख्ता करने की अपील की है। स्थानीय ग्रामीणों ने मांग रखी है कि मालगाड़ी आते ही साइडिंग परिसर में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती अनिवार्य की जाए और इस खूनी वारदात में शामिल असामाजिक तत्वों की पहचान कर उन्हें तुरंत गिरफ्तार किया जाए।