Dhanbad News : कतरास थाना क्षेत्र में लगातार हो रहे भू-धंसान ने कोयलांचल की बस्तियों में दहशत और तबाही का माहौल बना दिया है। कोलियरी और आउटसोर्सिंग परियोजनाओं के आसपास बसे इलाकों में जमीन फटने और मकानों के ढहने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। छाताबाद में हुए ताजा भू-धंसान में करीब 20 घर जमींदोज हो गए, जिससे सैकड़ों परिवारों के सामने बेघर होने का संकट खड़ा हो गया है।
भारी ब्लास्टिंग को बताया तबाही की वजह
छाताबाद के प्रभावित ग्रामीणों का आरोप है कि पास में संचालित STG आउटसोर्सिंग कंपनी की हैवी ब्लास्टिंग भू-धंसान की मुख्य वजह है। ग्रामीणों का कहना है कि उत्पादन बढ़ाने के लिए कंपनी द्वारा लगातार भारी विस्फोट किए जा रहे हैं, जिससे आसपास की जमीन में तेज कंपन पैदा हो रहा है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ब्लास्टिंग के दौरान खान सुरक्षा महानिदेशालय (DGMS) के निर्धारित सुरक्षा नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है। विस्फोट से पैदा होने वाले कंपन के कारण जमीन अंदर से कमजोर हो रही है और अचानक धंसान की घटनाएं सामने आ रही हैं।
ग्रामीणों ने STG आउटसोर्सिंग का काम कराया बंद
लगातार हो रही घटनाओं से आक्रोशित सैकड़ों ग्रामीण STG आउटसोर्सिंग परिसर पहुंचे। वहां उन्होंने विरोध-प्रदर्शन करते हुए कंपनी का काम अनिश्चितकाल के लिए ठप करा दिया और धरने पर बैठ गए। ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि जब तक प्रभावित लोगों की सुरक्षा, मुआवजा और पुनर्वास को लेकर ठोस एवं लिखित आश्वासन नहीं मिलता, तब तक आउटसोर्सिंग परियोजना का काम शुरू नहीं होने दिया जाएगा।
लगातार बढ़ रही भू-धंसान की घटनाएं
कतरास और आसपास के इलाकों में पिछले कुछ समय से भू-धंसान की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। 3 अगस्त को सलेक्टेड गोविंदपुर क्षेत्र में भू-धंसान से करीब आधा दर्जन घर तबाह हुए थे। वहीं 6 अगस्त को छाताबाद में बड़े पैमाने पर भू-धंसान हुआ, जिसमें करीब 20 घर पूरी तरह जमींदोज हो गए और मुख्य सड़क भी क्षतिग्रस्त हो गई।
इससे पहले 7 जुलाई को भी छाताबाद क्षेत्र में जमीन धंसने की घटना सामने आई थी। हालांकि अब तक इन घटनाओं में किसी की मौत की सूचना नहीं है, लेकिन दर्जनों मकानों पर अभी भी ढहने का खतरा बना हुआ है।
BCCL और प्रशासन पर लापरवाही का आरोप
ग्रामीणों ने BCCL और जिला प्रशासन की कार्यशैली तथा राहत एवं पुनर्वास व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। प्रभावित लोगों की मांग है कि पूरे इलाके का तत्काल वैज्ञानिक सर्वे कराया जाए और खतरनाक क्षेत्रों को डेंजर जोन के रूप में चिन्हित किया जाए। ग्रामीणों ने खतरे की जद में रह रहे परिवारों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर बसाने, बेघर हुए लोगों को उचित मुआवजा देने और प्रभावित इलाकों में सुरक्षा के स्थायी इंतजाम करने की मांग की है।
घटनास्थल पर सुरक्षा बल तैनात
भू-धंसान के बाद इलाके में तनाव को देखते हुए CISF और स्थानीय पुलिस बल को तैनात किया गया है। सुरक्षा बल स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। फिलहाल प्रभावित परिवार प्रशासन और BCCL की ओर से ठोस राहत, सुरक्षा और पुनर्वास की पहल का इंतजार कर रहे हैं। वहीं ग्रामीणों के विरोध के कारण आउटसोर्सिंग परियोजना का काम भी प्रभावित हुआ है।