Jharkhand: JPSC-JSSC की नियुक्तियों में कथित गड़बड़ी की जांच को लेकर झारखंड में चल रही राजनीतिक और छात्र गतिविधियों के बीच मामला अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है. CBI जांच की मांग से जुड़ी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड सरकार समेत संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किया है. इस घटनाक्रम के बाद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने छात्रों के आंदोलन को लेकर सरकार पर हमला बोला है. आदित्य साहू ने कहा कि लंबे समय से नियुक्तियों में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग कर रहे छात्रों के लिए सुप्रीम कोर्ट का नोटिस महत्वपूर्ण कदम है. उनके मुताबिक, अब इस मुद्दे पर राज्य सरकार को देश की सर्वोच्च अदालत के सामने अपना पक्ष रखना होगा.
CID जांच पर भी भाजपा ने उठाए सवाल
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने राज्य में चल रही CID जांच को लेकर भी सवाल खड़े किए. उन्होंने कहा कि छात्रों की मांग केवल जांच तक सीमित नहीं है, बल्कि वे पूरे मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच चाहते हैं. साहू ने आरोप लगाया कि सरकार CBI जांच की मांग को स्वीकार करने से लगातार बच रही है. उन्होंने कहा कि अदालत के स्तर पर मामला पहुंचने के बाद नियुक्ति प्रक्रिया से जुड़े आरोपों की सच्चाई सामने आने की उम्मीद बढ़ी है.
छात्र आंदोलन को लेकर सरकार पर निशाना
आदित्य साहू ने छात्र आंदोलन के दौरान सरकार की कार्रवाई को भी मुद्दा बनाया. उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन कर रहे युवाओं पर पुलिस कार्रवाई की गई और मुकदमे दर्ज किए गए. उन्होंने कहा कि युवाओं की आवाज उठाने के बजाय सरकार ने आंदोलन को नियंत्रित करने का रास्ता अपनाया. भाजपा नेता ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि छात्र हितों को लेकर दोनों नेताओं की भूमिका केवल राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित रही.
दोषियों पर कार्रवाई की मांग
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि अगर नियुक्तियों में किसी तरह की गड़बड़ी सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए. उन्होंने दावा किया कि सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच होने पर मामले से जुड़े तथ्यों की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकती है. साहू ने कहा कि छात्रों के भविष्य से जुड़े इस मुद्दे को भाजपा आगे भी उठाती रहेगी. उन्होंने पार्टी की ओर से युवाओं के साथ खड़े रहने की बात कही.
2029 को लेकर किया बड़ा दावा
आदित्य साहू ने आगामी राजनीतिक स्थिति को लेकर भी घोषणा की. उन्होंने दावा किया कि 2029 में भाजपा की सरकार बनने पर पहली कैबिनेट बैठक में JPSC-JSSC समेत संबंधित मामलों की CBI जांच की अनुशंसा की जाएगी. उन्होंने यह भी कहा कि छात्र आंदोलनों से जुड़े कथित झूठे मुकदमों को वापस लेने का फैसला किया जाएगा. भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि नियुक्तियों में पारदर्शिता और युवाओं को न्याय दिलाने की मांग को लेकर पार्टी का संघर्ष जारी रहेगा.