Back to Top

Facebook WhatsApp Telegram YouTube Instagram
Push Notification

🔔 Enable Notifications

Subscribe now to get the latest updates instantly!

Jharkhand News26 – fastest emerging e-news channel.
  • 2026-08-29

Nepal Tibet Flood: नेपाल में हिमखंड टूटने से भीषण बाढ़, 469 की मौत और 30 से ज्यादा देशों के नागरिक लापता

Nepal Tibet Flood: नेपाल-तिब्बत सीमा पर हिमखंड टूटने के बाद आई भीषण बाढ़ ने बड़े इलाके में भारी तबाही मचा दी है. बाढ़ के साथ आए पानी, मलबे और चट्टानों ने कई गांवों, सड़कों और पुलों को अपनी चपेट में ले लिया. हादसे के तीसरे दिन भी राहत और बचाव टीमों को मलबे से शव मिल रहे हैं. नेपाल में मृतकों की संख्या 469 तक पहुंच गई है, जबकि बड़ी संख्या में लोग अब भी लापता हैं. 

30 से ज्यादा देशों के नागरिक लापता
इस आपदा ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिंता बढ़ा दी है. नेपाल में लापता लोगों में भारत समेत 30 से अधिक देशों के नागरिक शामिल हैं. भारत, अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, यूक्रेन और चीन समेत कई देशों के पर्यटक और अन्य लोग अब तक संपर्क में नहीं आ सके हैं. अलग-अलग एजेंसियों के आंकड़ों में अंतर होने के कारण लापता लोगों की संख्या लगातार अपडेट हो रही है. 

हजारों लोगों को सुरक्षित निकाला गया
बाढ़ प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को निकालने के लिए हेलीकॉप्टर और जमीनी रास्तों से अभियान चलाया जा रहा है. नेपाल पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की टीमें लगातार प्रभावित क्षेत्रों में तलाशी ले रही हैं. ताजा रिपोर्टों के मुताबिक, 3,000 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है. हालांकि, कई इलाकों में सड़कें और पुल टूट जाने के कारण बचाव अभियान बेहद चुनौतीपूर्ण बना हुआ है.

चितवन में सबसे ज्यादा शव मिले
नेपाल के चितवन जिले में सबसे अधिक शव बरामद किए गए हैं. इसके अलावा नुवाकोट, रसुवा, धादिंग, गोरखा, तनहूं और नवलपरासी समेत कई जिलों में भी शव मिले हैं. मलबे और बाढ़ के पानी के कारण कई इलाके अभी भी पूरी तरह से पहुंच से बाहर हैं. ऐसे में राहत टीमों के आगे सबसे बड़ी चुनौती लापता लोगों तक पहुंचना और उनकी पहचान करना है. 

सड़क और पुलों को भारी नुकसान
बाढ़ की रफ्तार इतनी तेज थी कि कई महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए. दर्जनों पुल और करीब 40 किलोमीटर सड़कें बह गई हैं. इससे कई प्रभावित इलाकों का दूसरे हिस्सों से संपर्क टूट गया है. राहत सामग्री पहुंचाने और लोगों को सुरक्षित स्थानों तक लाने में भी मुश्किलें आ रही हैं. 

हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट भी प्रभावित
बाढ़ से नेपाल के जलविद्युत प्रोजेक्ट भी प्रभावित हुए हैं. त्रिशूली नदी क्षेत्र में स्थित पनबिजली परियोजनाओं को भारी नुकसान की खबर है. कई परियोजनाओं में काम करने वाले कर्मचारियों के भी लापता होने की जानकारी सामने आई है. बचाव दल इन क्षेत्रों में फंसे लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं. 

भारत ने भी बढ़ाई निगरानी
नेपाल में फंसे भारतीय नागरिकों को लेकर भारत सरकार लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है. विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अधिकारियों और काठमांडू तथा बीजिंग स्थित भारतीय मिशनों के साथ हालात की समीक्षा की है. विदेश मंत्रालय के मुताबिक, करीब 290 भारतीय नागरिकों से अभी संपर्क नहीं हो पाया है. भारत की ओर से राहत और बचाव में सहयोग की पेशकश भी की गई है. 

बाढ़ के बाद कुछ इलाकों में बने जलाशय या झील के कारण दोबारा बाढ़ आने की आशंका ने चिंता बढ़ा दी है. ऐसे में राहत टीमों को बचाव अभियान के साथ-साथ संभावित नए खतरे पर भी नजर रखनी पड़ रही है. फिलहाल लापता लोगों की तलाश जारी है. जैसे-जैसे बचाव दल दुर्गम इलाकों तक पहुंचेंगे, मृतकों और लापता लोगों के आंकड़ों में बदलाव की संभावना बनी हुई है.
WhatsApp
Connect With WhatsApp Cannel !