Jamshedpur News: जमशेदपुर के बर्मामाइंस स्थित केरला पब्लिक स्कूल में डाक विभाग के सिंहभूम मंडल की ओर से विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया. इसमें स्कूल के 104 शिक्षक-शिक्षिकाओं ने हिस्सा लिया. कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों और आम लोगों को डाक विभाग की बचत योजनाओं और डाक जीवन बीमा यानी PLI की जानकारी देना था.
PLI और RPLI की दी गई जानकारी
कार्यक्रम में डाक विभाग के अधिकारियों ने ऑडियो-विजुअल प्रेजेंटेशन के जरिए डाक जीवन बीमा और ग्रामीण डाक जीवन बीमा यानी RPLI के बारे में बताया. अधिकारियों ने योजनाओं की सुविधाओं, प्रीमियम और बोनस से जुड़ी जानकारी शिक्षकों के साथ साझा की.
कम लागत और बोनस पर दी जानकारी
अधिकारियों ने बताया कि डाक विभाग के बीमा उत्पादों में एजेंट कमीशन और बड़े विज्ञापनों पर होने वाला खर्च नहीं होता. विभाग के देशभर में मौजूद डाकघरों और कर्मचारियों के नेटवर्क के कारण संचालन लागत कम रहती है. कार्यक्रम में बताया गया कि इसका लाभ ग्राहकों को बोनस के रूप में मिलता है. अधिकारियों के अनुसार, बोनस करीब 52 रुपये प्रति हजार तक हो सकता है.
1884 से शुरू हुई डाक जीवन बीमा योजना
अधिकारियों ने बताया कि डाक जीवन बीमा की शुरुआत 1 फरवरी 1884 को हुई थी. वर्ष 1894 में महिलाओं को भी बीमा कवरेज देने की सुविधा शुरू की गई. इसके बाद 1995 में ग्रामीण क्षेत्रों के लिए ग्रामीण डाक जीवन बीमा यानी RPLI की शुरुआत हुई.
ऑनलाइन भुगतान समेत कई सुविधाएं
कार्यक्रम में PLI से जुड़ी अन्य सुविधाओं की भी जानकारी दी गई. इनमें आयकर की धारा 80C के तहत छूट, देश के किसी भी डाकघर में पॉलिसी ट्रांसफर और ऑनलाइन प्रीमियम भुगतान जैसी सुविधाएं शामिल हैं. एडवांस प्रीमियम भुगतान पर मिलने वाली छूट के बारे में भी शिक्षकों को जानकारी दी गई. अधिकारियों के अनुसार, अब योग्य निजी संस्थानों के डिग्रीधारी कर्मचारियों के लिए भी PLI की सुविधा उपलब्ध है.
स्कूलों और कॉलेजों में होंगे जागरूकता कार्यक्रम
डाक विभाग के अधिकारी ने बताया कि देशभर में 1.70 लाख से अधिक डाकघरों का नेटवर्क है. औसतन करीब 3 किलोमीटर के दायरे में डाकघर की सुविधा उपलब्ध होने की बात भी उन्होंने कही. उन्होंने कहा कि शिक्षकों के जरिए डाक विभाग की योजनाओं की जानकारी विद्यार्थियों और उनके परिवारों तक पहुंचाई जा सकती है. अधिकारी के मुताबिक, स्कूल स्तर पर यह विभाग का पहला ऐसा कार्यक्रम था. आने वाले समय में सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस के साथ शहर के अन्य सरकारी और निजी स्कूलों, कॉलेजों और प्रमुख संस्थानों में भी ऐसे जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे.