एक ही जगह होगी जांच और इलाज
अस्पताल में कान, नाक और गले के मरीजों के लिए एक साथ जांच और इलाज की सुविधा तैयार की जा रही है. इसके लिए एकीकृत कान, नाक और गला बाह्य रोगी विभाग और जांच केंद्र बनाया जा रहा है. यहां मरीजों की कई जरूरी जांच अस्पताल में ही हो सकेगी.
कान की जांच और सर्जरी में मिलेगी मदद
कान की बारीक जांच और सर्जरी के लिए शल्य चिकित्सा सूक्ष्मदर्शी मशीन खरीदी जाएगी. इस मशीन की कीमत 90 लाख रुपये है. इसके अलावा कान, नाक और गले के इलाज के लिए एक विशेष कार्य केंद्र भी लगाया जाएगा. इसकी कीमत 40 लाख रुपये है. नाक से जुड़ी बीमारियों की जांच और इलाज के लिए दूरबीन जांच से जुड़े उपकरण खरीदे जाएंगे. इन उपकरणों पर 70 लाख रुपये खर्च होंगे.
बच्चों की सुनने की जांच होगी आसान
अस्पताल में सुनने की क्षमता की जांच के लिए बेड़ा यानी बीईआरए मशीन भी लगाई जाएगी. इसकी कीमत 40 लाख रुपये है. इस मशीन से छोटे बच्चों की सुनने की क्षमता की जांच करने में मदद मिलेगी. ऐसे मरीजों की जांच में भी यह मशीन उपयोगी होगी, जो जांच के दौरान ठीक से सहयोग नहीं कर पाते. इसके साथ कान की सुनने की क्षमता से जुड़ी एक और जांच मशीन भी खरीदी जाएगी. इस पर 10 लाख रुपये खर्च होंगे.
मशीन चलाने के लिए कर्मचारियों की होगी तैनाती
नई मशीनों को चलाने के लिए तकनीकी कर्मचारियों की जरूरत होगी. इसके लिए बाहर की एजेंसी के जरिए कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी. मशीनों की खरीद और उनके रखरखाव की निगरानी रांची के सिविल सर्जन करेंगे. उपकरणों की सुरक्षा और उनके सही इस्तेमाल पर भी नजर रखी जाएगी. नई व्यवस्था शुरू होने के बाद सदर अस्पताल में कान, नाक और गले के मरीजों को कई जरूरी जांच और इलाज की सुविधा एक ही जगह मिलने लगेगी.