जामताड़ा: चितरा एसपी माइंस प्रबंधन द्वारा डंपर वाहनों से कोयले की ढुलाई पर अचानक रोक लगाए जाने से नाराज डंपर एसोसिएशन ने जामताड़ा साइडिंग में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठने की चेतावनी दी है। एसोसिएशन का आरोप है कि प्रबंधन ट्रांसपोर्टर के साथ मिलीभगत कर हायवा वाहनों को तरजीह दे रहा है, जिससे स्थानीय डंपर मालिकों और चालकों की रोज़ी-रोटी पर खतरा मंडराने लगा है।
एसोसिएशन के सदस्यों ने बताया कि पिछले 40 वर्षों से चितरा कोलियरी से जामताड़ा साइडिंग तक कोयले की ढुलाई डंपरों के माध्यम से होती रही है। पूर्व में प्रशासनिक स्तर पर हुई बैठक में यह सहमति बनी थी कि कोयले की ढुलाई डंपरों से ही की जाएगी। इसके बावजूद हाल ही में जब डंपर चालक लोडिंग के लिए पहुंचे, तो उन्हें साफ तौर पर मना कर दिया गया।
इस कदम के विरोध में अब डंपर चालक, खलासी और मालिक साइडिंग पर विरोध प्रदर्शन करने और धरना शुरू करने की तैयारी में हैं। उनका कहना है कि यह फैसला न केवल भेदभावपूर्ण है, बल्कि सैकड़ों परिवारों के जीवनयापन पर भी सीधा असर डाल रहा है।
डंपर एसोसिएशन को समर्थन देते हुए समाजसेवी एवं भाजपा नेता वीरेंद्र मंडल ने प्रशासन और ईसीएल प्रबंधन को चेतावनी दी है कि यदि इस रोजगार संकट का समाधान शीघ्र नहीं किया गया, तो पूरे जिले में आंदोलन तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह स्थानीय लोगों की आजीविका से जुड़ा मुद्दा है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
इस संबंध में एसोसिएशन ने अनुमंडल पदाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा है, जिसकी प्रतिलिपि उपायुक्त, थाना प्रभारी और एसपी माइंस के महाप्रबंधक को भी भेजी गई है।
वहीं मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए एसडीओ अनंत कुमार ने कहा कि फिलहाल यह मामला एक पक्षीय प्रतीत हो रहा है। माइंस प्रबंधन से भी जवाब मांगा जाएगा और समुचित जांच के बाद आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि पूरे मामले की जानकारी उपायुक्त को दी जाएगी।