Saraikela: राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज, खरसावां में बीते कुछ दिनों से चल रहा विवाद अब नए मोड़ पर पहुंच गया है। कॉलेज से जुड़े एक ऑडियो क्लिप के वायरल होने के बाद मामले की परतें खुलती जा रही हैं। वायरल ऑडियो में शिक्षक उत्तम कुमार पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं कि उन्होंने छात्रों को ढाल बनाकर प्रचार्य उमेश कुमार के खिलाफ साजिश रची।
सूत्रों और छात्रों की गुप्त स्वीकारोक्ति के अनुसार, उत्तम कुमार ने जानबूझकर छात्रों को आंतरिक परीक्षा से अनुपस्थित रहने के लिए प्रेरित किया, जिससे वे फेल हो जाएं। इसके बाद प्रचार्य पर आरोप लगाया गया कि उन्हीं की वजह से छात्र फेल हुए हैं। इस साजिश का मुख्य उद्देश्य प्रचार्य की छवि धूमिल करना और संस्थान में हो रहे अनुशासनात्मक सुधारों को बाधित करना था।
जांच में यह भी सामने आया कि जब एसडीओ निवेदिता नियति जांच के लिए कॉलेज पहुंचीं, तो हैरानी की बात यह रही कि शिकायत करने वाले छात्र कॉलेज में मौजूद ही नहीं थे। अब एसडीओ व्यक्तिगत रूप से छात्रों से संपर्क करने का प्रयास कर रही हैं, लेकिन अभी तक कोई छात्र खुलकर सामने नहीं आया है।
बताया जाता है कि उत्तम कुमार पिछले दो दशकों से कॉलेज में अस्थायी शिक्षक के रूप में कार्यरत हैं। प्रचार्य उमेश कुमार के कार्यभार संभालने के बाद उन्हें नियमित कक्षाएं लेने और प्रयोगशाला संचालन का निर्देश दिया गया, जिसके बाद से उनके और प्रचार्य के बीच मतभेद उभरने लगे।
यह मामला शिक्षा जगत के लिए एक गंभीर चेतावनी है कि जब व्यक्तिगत असहमति शिक्षण संस्थानों में साजिशों का रूप लेने लगे, तो इसका असर छात्रों और पूरे शैक्षणिक वातावरण पर पड़ता है। छात्रों को यह समझना होगा कि वे किसी भी प्रकार की राजनीति का हिस्सा न बनें, वहीं शिक्षकों को अपने कर्तव्यों और आदर्शों का पालन करना चाहिए।
प्रशासन से अपेक्षा है कि दोषियों के खिलाफ सख्त और निष्पक्ष कार्रवाई की जाए, ताकि शिक्षा के मंदिरों को राजनीतिक अखाड़ा बनने से रोका जा सके।