Back to Top

Facebook WhatsApp Telegram YouTube Instagram
Push Notification

🔔 Enable Notifications

Subscribe now to get the latest updates instantly!

Jharkhand News26 – fastest emerging e-news channel.
  • 2025-08-13

Giridih News: गिरिडीह जिले के सरकारी स्कूलों की स्थिति,स्कूल के कर्मी शराब के नशे में आते हैं स्कूल

Giridih News: गिरिडीह जिले में सरकारी स्कूलों की स्थिति धीरे - धीरे इस कदर खराब होते जा रही है, की कभी स्कूल के कर्मी शराब के नशे में स्कूल पहुंच कर तमाशा करने लगते हैं तो कभी मास्टर साहब ही स्कूल खोलकर गायब हो जाते हैं। लेकिन इन सब के बीच आज जिले के कोवाड़ से एक ऐसी तस्वीर सामने आई जिसनें सभी को चौंका दिया है।


इस तस्वीर को देख कर सहज ही समझा जा सकता है की, कैसे सरकारी स्कूलों में आजादी के जश्न की तैयारी में स्कूली बच्चों को मजदूर बनाकर उनसे न सिर्फ मजदूरी कराई जा रही है, बल्कि बाल अधिनियम की भी धज्जियां उड़ाई जा रही है। यह पुरा मामला गिरिडीह जिले के कोवाड़ स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय कोवाड़ की है।

आपको पता ही है की 15 अगस्त यानि आजादी के जश्न का दिन, इस दिन को भला कोई कैसे भूल सकता है, इसी दिन हमें अंग्रेजी हुकूमतों से आजादी मिली थी ओर हमारा देश आजाद हुआ था, आजादी के बाद से लगातार हमारे देश में अलग - अलग तरीकों से आजादी के जश्न को मनाया जाता है, इस दिन जंहा सरकारी - गैर सरकारी संस्थानों, स्कूलों - कॉलेजों सभी जगह हमारे देश का झंडा पुरे आन - बान ओर शान के साथ फहराया जाता है, लेकिन कुछ लोग ऐसे होते हैं जिनकी सोच ओर मानसिकता अभी भी अंग्रेजों की तरह है ओर इन्हे ऐसा लगता है की ऐ जो बोले वो काम हो ओर जैसे चाहे वैसे, गिरिडीह जिले में भी एक मास्टर साहब हैं जिनके द्वारा कुछ ऐसी ही हरकत की गयी है।

 दरअसल जिले के सभी स्कूलों में 15 अगस्त यानि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर झंडोतोलन किया जाएगा, इसे लेकर तैयारियां जोरों से की जा रही है।जिले के कोवाड़ स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय कोवाड़ में भी तैयारियां की जा रही है, लेकिन इसमें मजदूरों को नहीं बल्कि स्कूली बच्चों को ही मजदूर बना दिया गया है।

 कोवाड़ स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय कोवाड़ में करीब एक दर्जन से अधिक स्कूली बच्चे छात्र - छात्राओं को स्कूल के प्रधानाध्यापक मुरारी प्रसाद शर्मा के द्वारा न सिर्फ उनके मासूम हाथों में कुदारी - गेंता थमा कर मजदूरी कराने लगे, बल्कि उनसे ईंट ओर मिट्टी भी ढूलाने के साथ - साथ मजदूरी कराने लगे ओर बाल अधिकार नियम की भी धज्जियां उड़ा कर रख दी।

जब उनसे सवाल पूछा गया तो हँसते हुए कहने लगे इसमें कौन सी बड़ी बात है, स्कूल में विकास का कार्य थोड़े न हो रहा है की मजदूरों को लाया जाय, स्कूल का काम है तो बच्चों से ही करवा लिया।

 अब सोचिये की अगर इसी तरह स्कूली बच्चों से हर छोटी - बड़ी कार्यक्रमों में बच्चों से मजदूरी कराई जाए तो उनके भविष्य पर इसका क्या असर पड़ेगा. अब देखना यह है की ऐसे शिक्षकों पर जिला प्रशासन क्या कार्रवाई करती है।
WhatsApp
Connect With WhatsApp Cannel !