पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि लौहनगरी जमशेदपुर, जो राज्य की औद्योगिक राजधानी के रूप में जानी जाती है, यहां अपराधियों का बोलबाला है। व्यापारियों के बीच डर का माहौल है। दिनदहाड़े लूट और हत्या की घटनाएं आम हो गई हैं। अगर औद्योगिक राजधानी में यह हाल है, तो कौन व्यापारी यहां व्यापार करेगा और कौन उद्योगपति निवेश करना चाहेगा। उन्होंने कहा कि राजधानी रांची से लेकर दुमका और हजारीबाग तक अपराधियों का आतंक है। व्यापारी, डॉक्टर, वकील, आम जनता सभी असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। राज्य में पत्रकार तक सुरक्षित नहीं हैं। एक वाक्या का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अवैध कोयला खनन की रिपोर्ट लिखने वाले एक पत्रकार को माफिया मारने दौड़ पड़ा और उसे अब फर्जी केस में फंसाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हर दिन हत्या, लूट, बलात्कार की घटनाएं हो रही हैं और सरकार पूरी तरह से मौन साधे बैठी है।
श्री दास ने कहा कि शासन चलता है इकबाल से, लेकिन इस सरकार का इकबाल ही खत्म हो गया है। हमने भी पांच साल सरकार चलाई थी, पर उस समय अपराधियों में खौफ था। लेकिन आज तो अधिकारी खुद कह रहे हैं कि जाओ जहां शिकायत करनी है करो, हम ऊपर तक चढ़ावा देकर आए हैं। कहा कि यह सरकार सिर्फ करप्शन और कमीशन में डूबी हुई है। जनता की सुरक्षा से सरकार को कोई मतलब नहीं है, सिंडिकेट से कमीशन लेना ही इनकी प्राथमिकता है।
विपक्ष की भूमिका पर सवाल पूछे जाने पर रघुवर दास ने कहा कि भाजपा सकारात्मक विपक्ष की भूमिका निभा रही है। हम जनता को जागरूक कर रहे हैं और अगर हालात नहीं सुधरे तो सड़क पर उतरने से भी पीछे नहीं हटेंगे। जनता को भी अपने हक और जान-माल की सुरक्षा के लिए अब आगे आना होगा। जिसका नेतृत्व भारतीय जनता पार्टी करेगी।
आगामी घाटशिला उपचुनाव को लेकर उन्होंने कहा कि वहां भी जनता मौजूदा सरकार की नाकामी को महसूस कर रही है। घाटशिला झारखंड से अलग नहीं है। जमशेदपुर के बगल में है और यहां की भयावह स्थिति घाटशिला के लोगों ने भी देखी है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले चुनाव में जनता सरकार के खिलाफ कड़ा जनादेश देगी।