वर्चुअल माध्यम से हुआ उद्घाटन
राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्घाटन झारखंड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश, न्यायमूर्ति तरलोक सिंह चौहान, और झारखंड उच्च न्यायालय के न्यायाधीश एवं झालसा (झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार) के कार्यकारी अध्यक्ष, न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद द्वारा वर्चुअल माध्यम से किया गया। इस अवसर पर झारखंड उच्च न्यायालय के अन्य न्यायाधीश भी उपस्थित थे।
सैनिकों के लिए विशेष कानूनी सहायता क्लिनिक की शुरुआत
इस आयोजन के दौरान, नालसा वीर परिवार सहायता योजना-2025 के तहत सैनिकों और उनके परिवारों के लिए विशेष विधिक सहायता क्लिनिक स्थापित करने का निर्देश दिया गया। इसी कड़ी में, न्याय सदन के कॉन्फ्रेंस हॉल में सैनिकों के लिए एक समर्पित सेल (लीगल एड क्लिनिक) का अनावरण प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार पांडेय और झारखंड स्टेट बार काउंसिल के वाइस चेयरमैन राजेश कुमार शुक्ला द्वारा किया गया।
इस क्लिनिक में पूर्व सैनिक डॉ. कमल कुमार शुक्ला को पीएलवी (पैरा लीगल वालंटियर) और पूर्व सैनिक अधिवक्ता श्रीराम जनम सिंह को पैनल लॉयर के रूप में नियुक्त किया गया है, ताकि सैनिकों और उनके आश्रितों को कानूनी मदद आसानी से मिल सके।
गरीबों के लिए न्याय का सशक्त माध्यम
इस अवसर पर, पूर्वी सिंहभूम के प्रधान जिला और सत्र न्यायाधीश तथा DLSA के अध्यक्ष, अरविंद कुमार पांडेय ने कहा कि लोक अदालत आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को न्याय दिलाने का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने बताया कि आपसी समझौते से उन्हें आसानी से न्याय मिल पा रहा है।
झारखंड स्टेट बार काउंसिल के वाइस चेयरमैन
झारखंड स्टेट बार काउंसिल के वाइस चेयरमैन और वरिष्ठ अधिवक्ता राजेश कुमार शुक्ला ने भी लोक अदालत की सराहना करते हुए कहा कि इसने आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के मन में न्याय व्यवस्था को लेकर मौजूद मिथकों को तोड़ा है। उन्होंने लोक अदालत को भारतीय न्याय प्रणाली की एक महत्वपूर्ण कड़ी बताया, जो प्राचीन न्याय व्यवस्था की प्रासंगिकता को आज भी स्थापित करती है।
इस राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने में कोर्ट स्टाफ, डालसा स्टाफ और पीएलवी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। जमशेदपुर जिला व्यवहार न्यायालय में कुल 12 बेंचों का गठन किया गया था, जिन्होंने विभिन्न मामलों के त्वरित निपटारे में योगदान दिया।
न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
कार्यक्रम के अंत में, जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव, धर्मेंद्र कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन किया। यह सफल आयोजन न्याय तक पहुँच को आसान बनाने और लंबित मामलों को तेजी से निपटाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।