Adityapur: देशभर में 2019 से प्रतिबंधित ई-सिगरेट अब भी आदित्यपुर में धड़ल्ले से बिक रही है। इसकी लत में 10 से 15 वर्ष तक के स्कूली बच्चे भी फंस रहे हैं। हाल ही में एक स्कूल के शौचालय से छात्रों के पास ई-सिगरेट मिलने के बाद आरआईटी पुलिस ने जांच शुरू की थी।
पुलिस की करवाई
जिसके बाद शनिवार को आरआईटी थाना प्रभारी संजीव कुमार सिंह ने बंनतानगर स्थित मुकेश जेनरल स्टोर में छापेमारी की। छापेमारी के दौरान दुकान से अधिक मात्रा में ई-सिगरेट, गांजा पीने का चिलम, हुक्का और कई अन्य प्रतिबंधित सामान बरामद किए गए। पुलिस ने सभी सामान को जब्त कर कार्रवाई शुरू कर दी है। हालांकि, दुकानदार फरार है और उसके खिलाफ थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है।
स्थानीय लोगों का आरोप
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि दुकान मालिक की विदेशी तस्करों से मिलीभगत है। बताया जा रहा है कि वह स्कूली बच्चों तक को अधिक कीमत में लगभग ₹4,000 से ₹15,000 प्रति ई-सिगरेट पर ये प्रतिबंधित सिगरेट बेचता था। इसके अलावा गांजा, हुक्का, मारपीट में उपयोग होने वाले औजार और अन्य प्रतिबंधित सामान भी यहां बेचे जाते थे।
सूत्रों के अनुसार
जानकारी के अनुसार, पहले पान गुमटी चलाने वाला यह दुकानदार अब बड़े-बड़े शोरूम का मालिक बन गया है। उसके सोशल मीडिया प्रोफाइल में विदेशी दौरों की तस्वीरें मिलने से पुलिस को अंतरराष्ट्रीय तस्करी से जुड़े होने का संदेह है।
शांति समिति की बैठक में भी इस दुकान पर कार्रवाई करने की मांग उठी थी। समिति के सदस्य सतीश शर्मा ने कहा कि छोटे बच्चों के जीवन से खेलने वाले इस अवैध कारोबार पर पुलिस की कार्रवाई सराहनीय है।
आम जनता से अपील
ई-सिगरेट और अन्य नशे से जुड़े उत्पाद आज के युवाओं के स्वास्थ्य और भविष्य के लिए बेहद खतरनाक हैं। माता-पिता, शिक्षक और समाज को मिलकर बच्चों पर निगरानी रखनी होगी और उन्हें नशे के दुष्परिणामों के बारे में जागरूक करना होगा। साथ ही, प्रशासनिक स्तर पर ऐसे अवैध कारोबारियों पर कठोर कार्रवाई जारी रहनी चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ी नशे की चपेट में न आए।