हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रहे मौजूद
रांची से आयोजित ऑनलाइन शिलान्यास कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ झारखंड हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान भी मौजूद रहे, जिन्होंने इस पहल का स्वागत किया, इसके अतिरिक्त, तीनों जिलों के प्रधान न्यायाधीश, बार एसोसिएशन के पदाधिकारी और जनप्रतिनिधि भी इस मौके पर उपस्थित थे।
चांडिल में भव्य समारोह
सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल अनुमंडल कोर्ट में शिलान्यास कार्यक्रम को लेकर विशेष उत्साह देखा गया, यहां आयोजित समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में जिला जज उमा शंकर सिंह उपस्थित रहे. उनके साथ स्थानीय विधायक सविता महतो, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष, डीसी (उपायुक्त), एसपी (पुलिस अधीक्षक) सहित कई गणमान्य व्यक्ति और तमाम अधिवक्ता मौजूद थे।
अधिवक्ताओं को होगी सहूलियत
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रामाशंकर सिंह ने इस अवसर पर खुशी व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को धन्यवाद दिया. उन्होंने जोर देकर कहा कि इन नए बार भवनों के निर्माण से अधिवक्ताओं को काफी सहूलियत होगी, जिससे वे बेहतर ढंग से अपना काम कर सकेंगे और न्यायिक प्रक्रिया को गति मिलेगी।
सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण
स्थानीय विधायक सविता महतो ने इस परियोजना को झारखंड सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण बताया, उन्होंने कहा कि अधिवक्ता लंबे समय से बार भवन के निर्माण की मांग कर रहे थे, और मुख्यमंत्री के व्यक्तिगत प्रयास से आज यह मांग पूरी हो सकी है, उन्होंने इसे न्याय व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम बताया।
आधुनिक सुविधाओं से युक्त तीन मंजिला भवन
यह परियोजना न केवल अधिवक्ताओं को राहत देगी, बल्कि उन्हें आधुनिक कार्यस्थल भी प्रदान करेगी, जिसमें बताया गया है कि 3.51 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से ये बार भवन निर्मित किए जाएंगे। इन भवनों की मुख्य विशेषताएं
तीन मंजिला संरचना कुल 120 कमरे अधिवक्ताओं के उपयोग के लिए उपलब्ध होंगे।
तमाम अत्याधुनिक सुविधाएं (जैसे कॉन्फ्रेंस हॉल, पुस्तकालय, आदि) उपलब्ध कराई जाएंगी, ऐतिहासिक क्षण बार एसोसिएशन ने जताया आभार इस शिलान्यास को बार एसोसिएशन ने ऐतिहासिक क्षण बताया है।
बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने सामूहिक रूप से राज्य सरकार और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का आभार जताया, उनका मानना है कि यह नया भवन उनके पेशेवर जीवन में गुणात्मक सुधार लाएगा और उन्हें न्यायिक कार्यों के लिए एक गरिमामय और सुविधाजनक स्थान मिलेगा।
पुराना सपना साकार
यह परियोजना झारखंड सरकार की न्यायपालिका के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और राज्य में विधि व्यवसाय से जुड़े लोगों के कल्याण के प्रति संवेदनशीलता को दर्शाती है, इन बार भवनों के जल्द निर्माण से खूंटी, चाईबासा और सरायकेला (चांडिल) के अधिवक्ताओं का वर्षों पुराना सपना साकार होगा।