समीक्षा बैठक के दौरान, समिति ने पाया कि कुछ विभागों में कार्यों की स्थिति चिंताजनक है, जिस पर पदाधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई गई।
समिति के सभापति निरल पूर्ति ने
समिति के सभापति निरल पूर्ति ने एक चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि खरसावां आमदा खादी पार्क स्थल के निरीक्षण में लगभग ₹7 करोड़ की वित्तीय अनियमितता सामने आई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस गंभीर मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं और जाँच में दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
समिति के सदस्य जगत माझी और संजीव सरदार ने
जानकारी दी कि समिति सभी विभागों द्वारा प्रस्तुत रिपोर्टों का विस्तृत विश्लेषण करेगी और उसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। समिति का मुख्य उद्देश्य सरकारी उपक्रमों के कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है। इस दौरान, स्थानीय प्रशासन को भी कई सुधारात्मक सुझाव दिए गए ताकि कार्यप्रणाली में सुधार लाया जा सके।
बेहतर प्रदर्शन का दबाव
इसके अतिरिक्त, समिति ने आदित्यपुर नगर निगम में विभिन्न सरकारी योजनाओं के धीमी गति से क्रियान्वयन पर भी गहरी नाराजगी व्यक्त की। समिति ने इस धीमी गति के लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। समिति के इस दौरे से जिले के सरकारी उपक्रमों में हलचल मच गई है और अधिकारियों पर अब बेहतर प्रदर्शन का दबाव बढ़ गया है।
