Jharkhand News: झारखंड सशस्त्र पुलिस जैप-1 डोरण्डा परिसर में 13 से 17 अक्टूबर तक आयोजित 20वीं झारखंड राज्य पुलिस ड्यूटी मीट 2025 का समापन 17 अक्टूबर को मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की उपस्थिति में हुआ. समापन समारोह में मुख्यमंत्री ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया और पुलिस बल की कार्यकुशलता तथा समर्पण की सराहना की.
समारोह में राज्य पुलिस के शीर्ष अधिकारी मौजूद रहे जिनमें डीजीपी अनुराग गुप्ता, आईजी मनोज कौशिक, आईजी असीम विक्रांत मिंज, डीआईजी चंदन झा सहित कई वरीय पदाधिकारी शामिल थे. इस प्रतियोगिता में राज्य की कुल सात क्षेत्रीय टीमों ने भाग लिया. ये टीमें थीं दक्षिणी छोटानागपुर क्षेत्र रांची, कोल्हान क्षेत्र चाईबासा, उत्तरी छोटानागपुर क्षेत्र हजारीबाग, कोयला क्षेत्र बोकारो, पलामू क्षेत्र डाल्टनगंज, संथाल परगना क्षेत्र दुमका और अपराध अनुसंधान विभाग क्षेत्र रांची.
प्रतियोगिता में इंस्पेक्टर से लेकर सिपाही स्तर तक के प्रतिभागियों ने कुल बारह विषयों में अपनी योग्यता का प्रदर्शन किया. इन विषयों में विधि विज्ञान परीक्षा लिखित, लिफ्टिंग पैकिंग और प्रदर्शों का अग्रसारण, मेडिको-लीगल परीक्षा मौखिक, फोटोग्राफी घटनास्थल, क्राइम इन्वेस्टीगेशन लॉ रूल और कोर्ट जजमेंट, अगुलांक प्रायोगिक और मौखिक परीक्षा, पुलिस पोर्ट्रेट, पुलिस ऑब्जर्वेशन, कंप्यूटर साक्षरता, श्वान दस्ता, पुलिस फोटोग्राफी और एंटी-सबोटेज चेक शामिल थे.
तीन अनुसंधानकर्ताओं को डॉ बीबी सहाय मेमोरियल ट्रॉफी
समापन समारोह में विजेताओं को प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान के आधार पर सम्मानित किया गया. विशेष रूप से अनुसंधान क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले तीन अधिकारियों को डॉ बीबी सहाय मेमोरियल ट्रॉफी और नकद पुरस्कार से सम्मानित किया गया. सम्मानित अधिकारियों में सीआईडी के डीएसपी मुन्ना प्रसाद गुप्ता, इंस्पेक्टर सुषमा कुमारी और इंस्पेक्टर मनोज कुमार राय शामिल हैं
उत्कृष्ट अनुसंधान के लिए चयनित अधिकारी
इन तीन अधिकारियों का चयन वैज्ञानिक एवं तकनीकी अनुसंधान कौशल के आधार पर किया गया है. डीएसपी मुन्ना प्रसाद गुप्ता, चास थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सुषमा कुमारी और सीआईडी साइबर थाना के इंस्पेक्टर मनोज कुमार राय ने गंभीर और जटिल मामलों में त्वरित कार्रवाई कर अपराधियों को गिरफ्तार किया और भारी मात्रा में अवैध संपत्ति व बरामदगी की. इनके प्रयासों ने झारखंड पुलिस की विश्वसनीयता को और मजबूत किया है.
झारखंड राज्य पुलिस ड्यूटी मीट सिर्फ एक प्रतियोगिता भर नहीं बल्कि पुलिस बल की पेशेवर दक्षता, तकनीकी समझ और न्यायिक प्रक्रियाओं की बारीकी को समझने का मंच है. इस आयोजन से स्पष्ट होता है कि अब झारखंड पुलिस केवल परंपरागत पुलिसिंग पर निर्भर न रहकर विज्ञान, तकनीक और आधुनिक जांच प्रणाली को अपना रही है.
मुख्यमंत्री की उपस्थिति और अधिकारियों का सम्मान यह संकेत देता है कि राज्य सरकार पुलिस बल को न केवल सुरक्षा का साधन बल्कि न्याय एवं सामाजिक विश्वास का स्तंभ मानती है. यह आयोजन उन अधिकारियों और कर्मियों का मनोबल बढ़ाता है जो फील्ड में जोखिम उठाकर जनता के हक की लड़ाई लड़ते हैं. ऐसे कार्यक्रम पुलिस सेवा में उत्कृष्टता की संस्कृति को बढ़ावा देते हैं और आने वाले समय में अपराध नियंत्रण के नए मानक स्थापित कर सकते हैं.