Jharkhand News: नेतरहाट आवासीय विद्यालय में अनुबंध के आधार पर शिक्षकों की चल रही नियुक्ति प्रक्रिया पर फिलहाल रोक लगा दी गई है. माध्यमिक शिक्षा निदेशक राजेश प्रसाद ने विद्यालय प्राचार्य को पत्र भेजकर इस पूरी प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी मांगी है. निदेशक ने स्पष्ट किया है कि नियुक्ति संबंधी कई बिंदुओं पर गंभीर आपत्तियां मिली हैं, जिनका समाधान किए बिना आगे की प्रक्रिया स्वीकार्य नहीं होगी.
निदेशक ने विद्यालय प्रशासन से पूछा है कि अनुबंध शिक्षकों के चयन के लिए योग्यता का निर्धारण किन मानकों पर किया गया और इस प्रक्रिया की सूचना किस माध्यम से जारी की गई. सवाल यह भी उठाया गया है कि क्या यह निर्णय विद्यालय की कार्यकारिणी समिति के स्तर पर लिया गया या किसी अन्य स्तर से इसे आगे बढ़ाया गया.
विवाद का एक प्रमुख आधार यह भी है कि वर्तमान कार्यकारिणी समिति का कार्यकाल 26 नवंबर 2025 को समाप्त होने वाला है. ऐसे में समिति द्वारा अनुबंध शिक्षकों की नियुक्ति जैसा महत्वपूर्ण निर्णय लेना उचित है या नहीं, इस पर भी प्रश्न खड़े किए गए हैं. शिक्षा निदेशालय ने इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करते हुए प्राचार्य से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है.
नेतरहाट आवासीय विद्यालय, जो अपनी शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए जाना जाता है, वहां अनुबंध नियुक्ति की प्रक्रिया ने अब प्रशासनिक स्तर पर संदेह पैदा कर दिया है. यह मामला अब गहन जांच के दायरे में आ चुका है और आगे की कार्रवाई निदेशक द्वारा प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर तय की जाएगी.
यह घटनाक्रम बताता है कि सरकारी शैक्षणिक संस्थानों में पारदर्शिता और प्रक्रिया का पालन कितना महत्वपूर्ण है. कार्यकाल समाप्ति के निकट किसी समिति द्वारा ऐसे निर्णय लेना प्रशासनिक दृष्टि से संदिग्ध माना जाता है. शिक्षा विभाग का हस्तक्षेप संकेत देता है कि आने वाले समय में अनुबंध नियुक्तियों के मानक और भी कठोर हो सकते हैं.