Jharkhand News: गढ़वा जिले के मेराल थाना क्षेत्र में शनिवार को एक भयावह रेल हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया. सोहबरिया गांव के पास रेलवे लाइन पार करते समय एक महिला और उसके दो पशु दो अलग-अलग ट्रेनों की चपेट में आ गए. हादसे में महिला और दोनों पशुओं की मौत हो गई. यह घटना मेराल ग्राम स्टेशन के नजदीक हुई, जहां अचानक हुए इस हादसे ने लोगों को स्तब्ध कर दिया.
जानकारी के अनुसार, सोहबरिया गांव निवासी मीरा देवी दोपहर बाद अपनी गाय और बैल को चराकर घर लौट रही थीं. जैसे ही उन्होंने रेलवे ट्रैक पार करने की कोशिश की, उसी समय एक ट्रैक पर गोमो-चोपन पैसेंजर ट्रेन और दूसरे ट्रैक पर मालगाड़ी एक साथ आ गई. दोनों पशु तुरंत ट्रेनों की चपेट में आकर मौके पर ही मर गए. मीरा देवी गंभीर रूप से घायल होकर ट्रैक पर गिर गईं.
ग्रामीणों ने तत्काल उन्हें गढ़वा सदर अस्पताल पहुंचाया, लेकिन इलाज के दौरान उन्होंने भी दम तोड़ दिया. हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया. रेलवे ट्रैक आसपास मौजूद ग्रामीणों ने घटना पर गहरा दुख जताया और रेल प्रशासन से सुरक्षा उपाय बढ़ाने की मांग की.
घटना की सूचना मिलते ही जीआरपी पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी. हादसे के चलते मेराल स्टेशन के आसपास कुछ समय के लिए रेल परिचालन प्रभावित रहा. यात्रियों को देरी का सामना करना पड़ा और रेलवे कर्मियों ने ट्रैक की साफ-सफाई कर परिचालन बहाल किया.
यह हादसा एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में रेलवे सुरक्षा के प्रति जागरूकता की कमी को सामने लाता है. बिना फाटक या उचित चेतावनी संकेतों के बीच से ट्रैक पार करने की मजबूरी लोगों की जान पर भारी पड़ रही है. दो ट्रेनों का एक साथ गुजरना और समय पर खतरे का अनुमान न लगा पाना इस तरह की त्रासदी का कारण बनता है. ऐसे हादसों को रोकने के लिए रेलवे को लोकल स्तर पर सुरक्षा बेरीकेड, सायरन या गेटमैन जैसी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करनी होंगी. यह घटना केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि प्रणालीगत लापरवाही की दुखद कीमत है.