Jamshedpur Crime News: जमशेदपुर पुलिस ने एक बार फिर शहर के आपराधिक जगत में खलबली मचा देने वाली कार्रवाई की है. पुलिस ने कई मामलों में वांछित कुख्यात अपराधी सौरभ शर्मा उर्फ रिंकू सेठ को राजस्थान के जयपुर से गिरफ्तार किया है. यह वही अपराधी है जिस पर हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी और अवैध हथियार रखने जैसे गंभीर आरोप हैं.
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, वरीय पुलिस अधीक्षक को सूचना मिली थी कि रिंकू सेठ किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के बाद जयपुर के शाहपुरा थाना क्षेत्र में छिपा हुआ है. सूचना की पुष्टि होते ही एसपी सिटी के निर्देशन में एक विशेष टीम बनाई गई, जिसका नेतृत्व पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय-1) कर रहे थे. टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 19 अक्टूबर को जयपुर जिले के हरदासवाली वार्ड नंबर तीन से रिंकू सेठ को धर दबोचा.
यह वही अपराधी है, जिस पर जमशेदपुर के सीतारामडेरा थाना क्षेत्र में गोलीबारी कर एक व्यक्ति की हत्या और दूसरे को घायल करने का आरोप है. इस वारदात के बाद से वह फरार चल रहा था. पुलिस ने पहले ही इस मामले में आठ अपराधियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, लेकिन रिंकू सेठ लगातार फरार था और पुलिस उसकी तलाश में थी.
पुलिस जांच में सामने आया है कि फरार रहने के दौरान रिंकू सेठ ने अपने गिरोह को फिर से सक्रिय करने की कोशिश की. उसने शहर में दहशत फैलाने के लिए कई घटनाओं को अंजाम दिलाया. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इसी कड़ी में मानगो थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति की हत्या कराई गई थी. वहीं बोड़ाम थाना क्षेत्र में भी एक युवक को गोली मारने की कोशिश की गई थी. इतना ही नहीं, रिंकू सेठ लगातार अमरनाथ सिंह गिरोह से संपर्क में था और जमीन कारोबारियों से वसूली की गतिविधियों में शामिल था.
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार अपराधी रिंकू सेठ पहले भी कई मामलों में जेल जा चुका है. वह जमशेदपुर के कुख्यात अमरनाथ गिरोह का सक्रिय सदस्य रहा है और चोरी, रंगदारी, लूट, हत्या और फायरिंग जैसे मामलों में नामजद अभियुक्त है. जेल से निकलने के बाद उसने फिर से शहर में दहशत फैलाने की कोशिश शुरू की थी, ताकि अवैध वसूली का नेटवर्क खड़ा किया जा सके.
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी से एक एंड्रॉयड मोबाइल बरामद किया है. विशेष टीम में शामिल अधिकारी अक्षय कुमार, शारीक अली, रविशंकर कुमार, मिथलेश कुमार मोर्या और जयजय कुमार ने इस अभियान में अहम भूमिका निभाई.
रिंकू सेठ की गिरफ्तारी जमशेदपुर पुलिस की बड़ी सफलता मानी जा रही है. यह गिरफ्तारी केवल एक अपराधी को पकड़ने की कार्रवाई नहीं, बल्कि उन आपराधिक नेटवर्कों पर सीधा प्रहार है जो शहर में दहशत का माहौल बनाकर अवैध वसूली के जरिए सत्ता जैसी स्थिति कायम करना चाहते हैं. यह भी साफ दिखाता है कि पुलिस अब पुराने गिरोहों की गतिविधियों को लेकर ज्यादा सतर्क है और तकनीकी निगरानी का प्रभावी इस्तेमाल कर रही है.
लेकिन इस घटना से एक गहरी चिंता भी सामने आती है. यह कि झारखंड के कई शहरों में अपराधी अब भी अपने गिरोहों को पुनर्जीवित करने की कोशिश कर रहे हैं. पुराने अपराधी जेल से छूटने के बाद फिर से सक्रिय हो रहे हैं और पुलिस को चुनौती दे रहे हैं. ऐसे में केवल गिरफ्तारी ही नहीं, बल्कि इन नेटवर्कों की जड़ तक पहुंचना जरूरी है. रिंकू सेठ की गिरफ्तारी एक सफलता है, लेकिन यह संकेत भी कि अपराध की जड़ें अभी गहरी हैं, और उन्हें उखाड़ने के लिए लगातार और कठोर कार्रवाई की आवश्यकता है.