Ghatshila By-Election: पूर्वी सिंहभूम जिले की घाटशिला विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव में नामांकन पत्रों की जांच के दौरान बुधवार को तीन उम्मीदवारों के नामांकन रद्द कर दिए गए हैं. नामांकन जांच प्रक्रिया के दौरान कई दस्तावेजों में त्रुटि और गलत भरे गए विवरण सामने आने के बाद रिटर्निंग ऑफिसर ने इन तीन नामांकनों को अमान्य घोषित कर दिया. इस प्रकार अब कुल 17 में से 3 उम्मीदवारों के नामांकन रद्द होने के बाद 14 प्रत्याशी ही मैदान में रह गए हैं.
जिन उम्मीदवारों के नामांकन रद्द हुए हैं, उनमें राष्ट्रीय सनातन पार्टी के मंगल मुर्मू, आपकी विकास पार्टी के दुखीराम मांडी और निर्दलीय मालती टुडू शामिल हैं. इन तीनों के दस्तावेजों में गंभीर त्रुटियां पाई गईं, जिनके कारण उनका नामांकन अस्वीकृत कर दिया गया. अब 24 अक्तूबर नामांकन वापसी की अंतिम तिथि है. यदि कोई उम्मीदवार अपना नाम वापस लेता है तो उम्मीदवारों की संख्या घट सकती है, अन्यथा घाटशिला की इस चुनावी लड़ाई में 14 प्रत्याशी मैदान में होंगे.
नामांकन जांच के बाद जिन उम्मीदवारों के नाम बरकरार रहे हैं, उनमें भाजपा से बाबूलाल सोरेन, झामुमो से सोमेश चंद्र सोरेन, पीपुल्स पार्टी ऑफ इंडिया (डेमोक्रेटिक) से पार्वती हांसदा और भारत आदिवासी पार्टी से पंचानन सोरेन शामिल हैं. इनके अलावा निर्दलीय उम्मीदवारों में परमेश्वर टुडू, श्रीलाल किस्कू, मनसा राम हांसदा, नारायण सिंह, विकास हेम्ब्रम, बसंत कुमार तोपनो, रामदास मुर्मू, मनोज कुमार सिंह, विक्रम किस्कु और रामकृष्ण कांति माहली का नाम प्रमुख है.
घाटशिला विधानसभा उपचुनाव में अब मुकाबला काफी रोचक हो गया है. भाजपा और झामुमो के बीच यह सीट प्रतिष्ठा की लड़ाई मानी जा रही है. झामुमो इस सीट को किसी भी हालत में अपने कब्जे में रखना चाहता है क्योंकि यह क्षेत्र पारंपरिक रूप से झामुमो का गढ़ रहा है. वहीं भाजपा के उम्मीदवार बाबूलाल सोरेन इस बार पूरे दमखम से मैदान में हैं और पार्टी इस उपचुनाव को राज्य की सत्ता की दिशा तय करने वाला चुनाव मान रही है.
नामांकन रद्द होने की प्रक्रिया ने प्रशासन की सख्ती और पारदर्शिता का संदेश तो दिया है, लेकिन इसके साथ यह भी साफ है कि कई छोटे दल और निर्दलीय प्रत्याशी चुनाव प्रक्रिया को लेकर अब भी पर्याप्त जानकारी या तैयारी नहीं रखते.