Jamshedpur Big News: जमशेदपुर के मानगो डिमना चौक स्थित एमजीएम अस्पताल परिसर में ड्यूटी के दौरान हुई मारपीट की घटना ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया था. यह घटना 17 अक्टूबर की देर रात की थी जब अस्पताल परिसर में तैनात होमगार्ड जवानों के बीच आपसी विवाद इतना बढ़ गया कि मामला लाठी-डंडे चलने तक पहुंच गया. इस घटना को न्यूज 26 झारखंड ने उसी दिन जोर-शोर से उठाया था, जिसके बाद विभाग हरकत में आ गया था.
मारपीट में शामिल तीनों होमगार्ड जवान, अविनाश कुमार, राजू झा और विनय चौबे को विभाग ने निलंबित कर ड्यूटी से हटा दिया गया है. बताया दें कि उस रात कुछ जवान शराब के नशे में थे और ड्यूटी के दौरान आपसी कहासुनी के बाद बात गाली-गलौज और फिर हाथापाई तक पहुंच गई थी.
सीसीटीवी फुटेज में यह साफ दिखाई दिया था कि राजू झा और विनय चौबे अपनी ड्यूटी छोड़कर कुछ समय के लिए परिसर से बाहर चले गए थे. लौटने पर सीनियर-जूनियर के बीच विवाद हुआ, जो बाद में मारपीट में बदल गया. मौके पर मौजूद अन्य जवानों और अस्पताल कर्मियों ने बीच-बचाव की कोशिश की, लेकिन किसी की बात नहीं मानी गई.
घटना की जानकारी एमजीएम अस्पताल प्रबंधन ने उसी रात एडीएम को दी थी और पूरे मामले की रिपोर्ट भेजकर कार्रवाई की मांग की थी. न्यूज 26 झारखंड ने इस मामले को प्रमुखता से दिखाया था और प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग की थी. न्यूज़ 26 झारखंड की रिपोर्टिंग के बाद जिला प्रशासन ने गंभीरता दिखाई और जांच रिपोर्ट आने के बाद तीनों जवानों को सस्पेंड कर दिया गया हैं.
इस घटना के बाद एमजीएम अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए थे. क्योंकि अस्पताल की सुरक्षा का पूरा दायित्व होमगार्ड जवानों के हाथ में होता है और अगर वही जवान अनुशासनहीनता पर उतर आएं तो मरीजों और स्टाफ की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती हैं.
फिलहाल तीनों जवानों को सस्पेंड कर दिया गया है और विभागीय जांच शुरू कर दी गई है. न्यूज 26 झारखंड की समय पर और जोरदार रिपोर्टिंग का ही असर था कि प्रशासन को तुरंत कदम उठाने पड़े और दोषी जवानों पर कार्रवाई की गई.