धमाका इतना भीषण था कि उसके तुरंत बाद कार में भीषण
धमाका इतना भीषण था कि उसके तुरंत बाद कार में भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि आस-पास खड़ी तीन और गाड़ियां भी इसकी चपेट में आ गईं और पूरी तरह जलकर खाक हो गईं। लाल किला मेट्रो स्टेशन, गेट नंबर-1 के पास स्थित पार्किंग।एक कार में धमाका, कुल चार वाहन आग से क्षतिग्रस्त।
हताहत
हालांकि, आधिकारिक तौर पर हताहतों की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, विस्फोट में एक व्यक्ति की मौत और कुछ लोगों के घायल होने की खबर है। धमाके के कारणों की जांच जारी, फोरेंसिक टीम मौके पर घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंचीं और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। फायर विभाग के अधिकारियों ने बताया कि धमाके के कारणों की गहन जांच की जा रही है।
दिल्ली में पहले भी हो चुके हैं बड़े धमाके
राजधानी दिल्ली पहले भी कई बार बम धमाकों और विस्फोटों की चपेट में आ चुकी है। कुछ प्रमुख घटनाएँ इस प्रकार हैं 25 मई 1996: लाजपत नगर सेंट्रल मार्केट धमाका 16 की मौत 30 नवंबर 1997: रेड फोर्ट क्षेत्र में डबल ब्लास्ट 3 मृत, 70 घायल 29 अक्टूबर 2005: पहाड़गंज, गोविंदपुरी और सरोजिनी नगर में तीन धमाके 60 से अधिक की मौत 13 सितंबर 2008: करोल बाग, सीपी और जीके में पांच धमाके - 20 से अधिक मरे, 90 घायल 25 मई 2011: दिल्ली हाईकोर्ट पार्किंग विस्फोट हल्का नुकसान, कोई मौत नहीं
घटना के पहले और बाद की गतिविधियों का पता चल
पुलिस ने एहतियात के तौर पर पूरे इलाके को सील कर दिया है। फॉरेंसिक टीम घटनास्थल पर मौजूद है और विस्फोट के सही कारण, और क्या यह किसी विस्फोटक सामग्री के कारण हुआ, इसकी पड़ताल के लिए सबूत जुटा रही है। पुलिस आसपास के CCTV फुटेज भी खंगाल रही है ताकि घटना के पहले और बाद की गतिविधियों का पता चल सके।
सुरक्षा एजेंसियां इस घटना को गंभीरता से ले रही हैं और मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है।