Delhi Car Blast: दिल्ली में सोमवार शाम लाल किले के पास हुए जोरदार धमाके ने पूरे शहर में दहशत फैला दी है. इस विस्फोट में आठ लोगों की मौत की पुष्टि हुई है जबकि कई लोग घायल बताए जा रहे हैं. धमाका इतना जबरदस्त था कि आसपास के कई इलाकों में उसकी आवाज सुनाई दी. घटना की जानकारी मिलते ही दिल्ली पुलिस, एनएसजी और बम निरोधक दस्ते की टीमें मौके पर पहुंच गईं. पूरे क्षेत्र को घेरकर जांच शुरू कर दी गई है. दिल्ली अग्निशमन सेवा ने बताया कि सात दमकल गाड़ियों को राहत और बचाव कार्य में लगाया गया है. पुलिस ने इलाके को सील कर दिया है और धमाके के कारणों की जांच की जा रही है.
घटना के बाद देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है. पुलिस ने भीड़भाड़ वाले और संवेदनशील इलाकों में सघन गश्त शुरू कर दी है. छत्रपति शिवाजी टर्मिनस, गेटवे ऑफ इंडिया, एयरपोर्ट और मेट्रो स्टेशनों पर अतिरिक्त बल की तैनाती की गई है. बेंगलुरु में भी पुलिस को हाई अलर्ट पर रखा गया है. बम निरोधक दस्ते की टीमें मॉल, मेट्रो और सार्वजनिक स्थानों पर संदिग्ध वस्तुओं और गाड़ियों की जांच कर रही हैं.
दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन गेट नंबर एक के पास हुए धमाके के बाद उत्तर प्रदेश में रेड अलर्ट घोषित कर दिया गया है. एडीजी लॉ एंड ऑर्डर अमिताभ यश ने बताया कि डीजीपी ने सभी जिलों के वरिष्ठ अधिकारियों को धार्मिक स्थलों, संवेदनशील जिलों और बॉर्डर इलाकों में सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश दिए हैं. पुलिस को हर जिले में चौकसी बढ़ाने को कहा गया है. लखनऊ से आदेश जारी कर बाजारों, बस अड्डों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में गश्त तेज कर दी गई है.
बिहार में जहां मंगलवार को विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण का मतदान होना है, वहां सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी गई है. संवेदनशील बूथों और इलाकों में पुलिस बल की तैनाती बढ़ाई गई है. गश्ती दलों को चौकन्ना रहने का निर्देश दिया गया है ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि को तुरंत रोका जा सके.
इसी बीच इंडो-नेपाल बॉर्डर पर भी चौकसी बढ़ा दी गई है. सशस्त्र सीमा बल और स्थानीय पुलिस को हाई अलर्ट पर रखा गया है. खुली सीमा से आने-जाने वाले लोगों की सघन जांच की जा रही है. खुफिया एजेंसियां सीमा पार से होने वाली हलचल पर लगातार नजर रखे हुए हैं. उत्तराखंड में भी हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है. देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल और मसूरी जैसे पर्यटक स्थलों पर पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है. रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और बाजारों में जांच अभियान जारी है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी.
लाल किले के पास हुआ धमाका सिर्फ दिल्ली की सुरक्षा पर सवाल नहीं उठाता, बल्कि यह दिखाता है कि राजधानी समेत देशभर में खुफिया तंत्र की निगरानी कितनी कमजोर है. ऐसे समय में जब बिहार में चुनाव चल रहे हैं, इस तरह की घटना सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता पर गंभीर सवाल खड़े करती है. केंद्र और राज्य सरकारों के बीच बेहतर समन्वय और खुफिया सूचनाओं के त्वरित साझा करने की जरूरत पहले से ज्यादा महसूस की जा रही है. अगर सुरक्षा एजेंसियां एक-दूसरे से जुड़ी नहीं रहीं, तो ऐसी घटनाएं भविष्य में और गंभीर रूप ले सकती हैं.