सिविल सर्जन डॉ. साहिर पॉल ने आरटीआई के तहत मनोज मिश्रा को विस्तृत जानकारी साझा करते हुए बताया कि जिले में कुल 372 स्वास्थ्य संस्थान क्लिनिकल स्टैब्लिसमेंट एक्ट-2010 के तहत निबंधित हैं। इनमें सरकारी और निजी दोनों तरह के अस्पताल, क्लिनिक, पैथोलॉजी और डायग्नोस्टिक सेंटर शामिल हैं। इसमें एमजीएम मेडिकल कॉलेज-अस्पताल, विभिन्न सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और निजी चिकित्सा संस्थान भी आते हैं।
जांच के क्रम में 55 संस्थानों में अनियमितताएं पाई गईं, जिसके बाद प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की। जोजोबेड़ा स्थित न्युवोको विस्टास कॉर्प सीमेंट प्लांट पर एफआईआर दर्ज की गई है। वहीं, साइंटिफिक पैथोलॉजिकल लैब (पटमदा) और आर्देशिर दलाल मेमोरियल हॉस्पिटल (एडीएमएच) पर जुर्माना लगाया गया है। लक्ष्मी नर्सिंग होम (बिरसानगर), 32 स्माइल स्टेशन डेंटल क्लिनिक (भालूबासा) और एमके पैथोलॉजी (मानगो) के खिलाफ जांच बैठाई गई है।
इसके अलावा, एएसजी आई हॉस्पिटल (साकची), डॉक्टर डायग्नोसिस (साकची), रोहन अल्ट्रासाउंड एंड स्कैन सेंटर (साकची) और नारायण डायग्नोस्टिक (साकची) को कारण बताओ नोटिस (शोकॉज) जारी किया गया है। वहीं, सफा क्लिनिक (मानगो) और सेफ्टी एक्सीलेंस सेंटर (बिष्टुपुर) को विभाग ने स्पष्टीकरण पत्र जारी करते हुए जवाब मांगा है।
सिविल सर्जन ने बताया कि अन्य सभी सरकारी एवं निजी स्वास्थ्य संस्थानों को मौखिक रूप से निर्देशित किया गया है कि वे क्लिनिकल स्टैब्लिसमेंट एक्ट के नियमों के तहत आवश्यक सुधार करें। इसमें सदर अस्पताल पूर्वी सिंहभूम, टीएमएच बिष्टुपुर, टिनप्लेट हॉस्पिटल गोलमुरी, श्री सत्यसाई संजीवनी हॉस्पिटल साउथ पार्क बिष्टुपुर सहित सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और निजी अस्पताल शामिल हैं।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्रशासन की यह कार्रवाई स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है। जिले के सभी चिकित्सा संस्थानों को नियमों के अनुरूप संचालित होने की सख्त हिदायत दी गई है, ताकि मरीजों को सुरक्षित और मानक के अनुरूप इलाज मिल सके।