कार्यक्रम की शुरुआत भगवान बिरसा मुंडा के जन्मोत्सव
कार्यक्रम की शुरुआत भगवान बिरसा मुंडा के जन्मोत्सव पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई, जिसके बाद सभी ने उनके आदर्शों और बलिदान को याद किया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने संबोधन में कहा कि झारखंड वीरों की धरती है, जहां अनेक शूरवीरों ने अपने प्राणों की आहुति देकर राज्य के निर्माण में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि इन वीरों के संघर्ष और बलिदान से हमें रास्ता मिला और आज हम सबकी जिम्मेदारी है कि उनके सपनों का झारखंड बनाएं।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर दिवंगत आदरणीय
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर दिवंगत आदरणीय दिशोम गुरु बाबा शिबू सोरेन को भी याद किया और कहा कि उनकी कमी हम सभी को महसूस हो रही है। उन्होंने बताया कि जैसे किसी परिवार से बुजुर्ग का जाना घर में सन्नाटा भर देता है, वैसे ही उनके जाने का दुख पूरे समाज को है।
इस समारोह में उपस्थित जनप्रतिनिधि और स्थानीय
इस समारोह में उपस्थित जनप्रतिनिधि और स्थानीय लोग भी भावभीन नजर आए और उन्होंने झारखंड के समृद्ध आदिवासी इतिहास और संस्कृति को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। यह आयोजन राज्य की सांस्कृतिक विरासत और जनजातीय गौरव को उजागर करने वाला एक यादगार पर्व साबित हुआ। इस तरह से बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती और झारखंड स्थापना दिवस ने राज्यवासियों के दिलों में नई ऊर्जा और प्रतिबद्धता का संचार किया है।