चुनावी रिकॉर्ड, 2024 के झटके के बाद बड़ी चुनौती
पश्चिम बंगाल में बीजेपी के प्रदर्शन में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है. 2021 के विधानसभा चुनाव में पार्टी ने 77 सीटें जीतकर प्रमुख विपक्षी दल का स्थान हासिल किया था. इससे यह उम्मीद जगी थी कि बीजेपी जल्द ही सत्ता में आ सकती है. मगर, 2024 के लोकसभा चुनाव में यह संख्या घटकर केवल 12 रह गई. इस बड़े झटके ने कार्यकर्ताओं का मनोबल गिराया था. ऐसे में, पीएम मोदी का बंगाल में सरकार बनाने का दावा सिर्फ जोश भरने के लिए नहीं है, बल्कि यह एक संकेत है कि केंद्रीय नेतृत्व ने बंगाल को अपनी प्राथमिकता सूची में शीर्ष पर रखा है.
5% हिंदू वोट शिफ्ट का समीकरण
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पीएम मोदी की इस घोषणा के पीछे एक सोची-समझी चुनावी रणनीति है, जिसे 5% हिंदू वोट शिफ्ट की तैयारी कहा जा रहा है. बंगाल में एक बड़ा अल्पसंख्यक वोट बैंक है, जिसे तृणमूल कांग्रेस का मजबूत आधार माना जाता है. इसके जवाब में, बीजेपी का लक्ष्य अपने मुख्य हिंदू वोट बैंक में 5% अतिरिक्त वोट जोड़ना है.
पार्टी की रणनीति है कि धार्मिक-सांस्कृतिक ध्रुवीकरण
पार्टी की रणनीति है कि धार्मिक-सांस्कृतिक ध्रुवीकरण और राज्य सरकार के कथित भ्रष्टाचार के मुद्दे को उठाकर यह अतिरिक्त वोट हासिल किया जाए, ताकि बहुमत के आंकड़े तक पहुंचा जा सके. संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और केंद्रीय योजनाओं को प्रभावी ढंग से पहुंचाने पर भी जोर दिया जा रहा है. पीएम का यह बयान अब राज्य इकाई के लिए एक स्पष्ट रोडमैप है कि उन्हें अगले दो सालों में तगड़ा काम करके दिखाना है.