अभूतपूर्व प्रगति की समीक्षा
पीएमओ के मुताबिक, बुलेट ट्रेन परियोजना का काम तेजी से चल रहा है। अब तक 508 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर के लगभग 326 किलोमीटर का पुल/वायडक्ट (सुपरस्ट्रक्चर) का काम पूरा हो चुका है। इसके अतिरिक्त, इस रूट पर नदियों पर बनने वाले 25 पुलों में से 17 पुलों का निर्माण भी हो चुका है। यह कॉरिडोर भारत में हाई-स्पीड कनेक्टिविटी के एक नए युग का प्रतीक है, जिसे जापान की सहायता से बनाया जा रहा है। एक बार पूरा होने पर, यह मुंबई और अहमदाबाद के बीच यात्रा के समय को लगभग दो घंटे तक कम कर देगा।
सूरत-बिलिमोरा खंड पर फोकस
परियोजना अधिकारियों ने जानकारी दी कि लगभग 47 किलोमीटर लंबा सूरत-बिलिमोरा खंड सिविल कार्य और ट्रैक-बेड बिछाने के मामले में सबसे उन्नत है, जिसका काम लगभग पूरा हो चुका है। सूरत स्टेशन को शहर के प्रसिद्ध हीरा उद्योग को दर्शाते हुए एक अद्वितीय डिजाइन दिया गया है, जो आधुनिक सुविधाओं और अन्य परिवहन माध्यमों के साथ सहज एकीकरण सुनिश्चित करेगा।
विकास परियोजनाओं का शिलान्यास
बुलेट ट्रेन परियोजना की समीक्षा के बाद, पीएम मोदी ने नर्मदा जिले में जनजातीय गौरव दिवस (भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती) समारोह में भी भाग लिया। यहाँ उन्होंने 9,700 करोड़ रुपये से अधिक की बुनियादी ढांचा और विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास कर गुजरात को बड़ी सौगात दी।