Jharkhand News: घाटशिला उपचुनाव में ऐतिहासिक जीत दर्ज करने के बाद झामुमो के नवनिर्वाचित विधायक सोमेश सोरेन रविवार को रांची पहुंचे और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात की. उपचुनाव के परिणाम जारी होते ही सोमेश सोरेन को आधिकारिक रूप से विधायक का प्रमाण पत्र सौंप दिया गया. शुरुआती रुझानों से ही आगे चल रहे सोमेश सोरेन ने अंत तक मुकाबले को एकतरफा बनाए रखा.
मतगणना के दौरान झामुमो उम्मीदवार ने हर राउंड में बढ़त बरकरार रखी. अंतिम परिणाम के अनुसार सोमेश सोरेन को कुल 1,94,794 वोट मिले. जबकि भाजपा उम्मीदवार बाबूलाल सोरेन को 66,220 वोट प्राप्त हुए. इस तरह सोमेश सोरेन ने 38 हजार से अधिक वोटों के अंतर से जोरदार जीत हासिल की. तीसरे स्थान पर JLKM के रामदास मुर्मू रहे जिन्हें 11,542 वोट मिले.
उपचुनाव का यह नतीजा झामुमो के लिए बड़ी राजनीतिक राहत के रूप में देखा जा रहा है. पार्टी इस सीट को लेकर लगातार सक्रिय था और उम्मीदवार चयन से लेकर प्रचार रणनीति तक नेतृत्व ने इस सीट पर खास ध्यान दिया था. बीजेपी के लिए यह हार चिंता का विषय मानी जा रही है क्योंकि मुकाबला शुरुआत से ही एकतरफा होता दिखा और पार्टी रुझानों में भी वापसी नहीं कर सकी.
घाटशिला का उपचुनाव परिणाम साफ संकेत देता है कि स्थानीय मुद्दों और संगठन की जमीन पर पकड़ ने झामुमो को बड़ी बढ़त दिलाई. सोमेश सोरेन को मिली बढ़त यह भी दिखाती है कि आदिवासी बहुल क्षेत्र में पार्टी की पकड़ अभी भी मजबूत है. भाजपा का वोट अंतर से पीछे रह जाना रणनीति और उम्मीदवार चयन में कमजोरियों की ओर इशारा करता है. यह उपचुनाव राजनीति में झामुमो के लिए मनोबल बढ़ाने वाला परिणाम है जबकि विपक्ष के लिए समीक्षा का समय लेकर आया है.