Jharkhand News: झारखंड वित्त विभाग की ओर से वार्षिक रखरखाव और अपग्रेडेशन कार्य के लिए की गई सर्वर बंदी का असर दूसरे दिन भी पूरी तरह देखने को मिला. शनिवार की तरह रविवार को भी आईएफएमएस और उससे जुड़े सभी ऑनलाइन मॉड्यूल बंद रहे. इससे सरकारी भुगतान से लेकर बजट और पेंशन से जुड़ी प्रक्रियाएं तकरीबन ठप रहीं. विभागीय कर्मचारियों से लेकर लाभार्थियों तक सभी इसके कारण पूरे दिन परेशान रहे.
वित्त विभाग ने बताया था कि 16 नवंबर की सुबह शुरू हुई दो दिवसीय तकनीकी बंदी के दौरान निम्न सेवाएं उपलब्ध नहीं रहेंगी.
- IFMS e Allotment
- e Bill Double Entry System
- e Treasury और झारखंड e GRAS
- Kuber Employee और Kuber Pension
- e Pension Portal
- SNA SPARSH और DIT CSS Portal
- PFMS Treasury Interface
- Kuber e Payment Treasury Desktop Application
- Budget e Book
- Karmchari Seva App
- Kuber TDPT App
- Abua Budget App
इन सेवाओं के बंद रहने से ई बिल प्रसंस्करण और ई भुगतान की प्रणाली पूरी तरह रुक गई. कई विभागों में बिलों का निस्तारण प्रभावित हुआ और लंबित भुगतान अटक गए. पेंशन से जुड़े कार्य भी पूरे दिन बाधित रहे.
अधिकृत अधिकारियों और लाभार्थियों ने शिकायत की कि सर्वर बंद रहने से आवश्यक वित्तीय कार्य नहीं हो पा रहे हैं. कई जगह कार्यालयों में बरती जा रही मैनुअल प्रक्रिया भी जानकारी के अभाव में आगे नहीं बढ़ सकी.
वित्त विभाग का कहना है कि सिस्टम अपग्रेड के बाद भुगतान और लेखा प्रक्रियाएं पहले की तुलना में और अधिक सुरक्षित तथा तेज होंगी. हालांकि जब तक सर्वर पूरी तरह बहाल नहीं होता, तब तक सरकारी दफ्तरों में कामकाज प्रभावित रह सकता है.
झारखंड में आईएफएमएस जैसी महत्वपूर्ण वित्तीय प्रणाली का दो दिनों तक बंद रहना यह दिखाता है कि सरकारी ढांचे में तकनीकी निर्भरता किस स्तर तक बढ़ चुकी है. वार्षिक अपग्रेडेशन जरूरी है, लेकिन इससे पहले वैकल्पिक व्यवस्था या चरणबद्ध रखरखाव की स्पष्ट योजना होनी चाहिए थी. अचानक सर्वर बंद रहने से हजारों भुगतान, पेंशन फाइलें और बजट प्रोसेस अटक गए. इससे न सिर्फ कामकाज प्रभावित हुआ, बल्कि आम नागरिकों के भरोसे पर भी असर पड़ा. भविष्य में ऐसी बंदियों के दौरान बैकअप प्लान अनिवार्य होना चाहिए ताकि सिस्टम अपग्रेड के साथ साथ जनता को होने वाली असुविधा भी कम हो सके