ऐसे तो स्वास्थ्य सेवाओं में छूट देना नया नहीं है. दवाओं पर मिलने वाली 15 से 20 प्रतिशत की छूट हो या फिर पैथोलॉजी जांच पर मिलने वाली रियायत, इन सब पर छूट लंबे समय से प्रचलित हैं. लेकिन ऑपरेशन जैसी चिकित्सा प्रक्रियाओं के साथ गिफ्ट बांटने की प्रथा आम तौर पर कहीं देखने को नहीं मिलती. आपने कहीं नहीं सुना होगा कि हार्ट सर्जरी करवाएं और बदले में फ्रीज ले जाएं या आंख का ऑपरेशन करवाएं और उपहार में कोई महंगा सामान ले जाए.
ऑपरेशन कोई प्रमोशनल स्कीम नहीं होती है, इसलिए इनके साथ गिफ्ट देने की परंपरा भी कभी नहीं रही है. नसबंदी जैसी सरकारी योजनाओं में प्रोत्साहन राशि दी जाती है, लेकिन आयुष्मान भारत में मोतियाबिंद ऑपरेशन कराने वाले मरीजों को कोई पैसा नहीं मिलता. बल्कि अस्पतालों के प्रति ऑपरेशन का लगभग 9000 रुपये का भुगतान किया जाता है. हालांकि कई अस्पताल इस राशि को अपर्याप्त बताते हैं. लेकिन अब इसी बीच कुछ जगहों पर मरीजों को आकर्षित करने के लिए उन्हें उपहार देने जैसी बातें सामने आ रही हैं.
राज्य में मोतियाबिंद ऑपरेशन से जुड़ी अनियमितताओं के मामले पहले भी पकड़े जा चुके हैं, जैसे फर्जी जांच रिपोर्ट के आधार पर ऑपरेशन करना. लेकिन मरीजों को गिफ्ट में बर्तन देने जैसी बात पहली बार सामने आई है. यह मामला बीमा कंपनी द्वारा किए गए ऑडिट में पकड़ा गया.
आयुष्मान भारत योजना के तहत सूचीबद्ध अस्पतालों का बीमा कंपनियों द्वारा नियमित रूप से ऑडिट किया जाना चाहिए. नियमों के अनुसार कुल दावों का कम से कम 5% ऑडिट किया जाता है, जिसमें अस्पताल की सुविधाएं, उपलब्ध व्यवस्था, डॉक्टरों की मौजूदगी और मरीजों को दी जा रही सेवाओं की जांच की जाती है.
इसी प्रक्रिया के तहत सितंबर 2025 में THIRD EYE अस्पताल का ऑडिट किया गया. ऑडिट टीम को यहां एक महिला मरीज मिली जिसने मोतियाबिंद का ऑपरेशन करवाया था और बताया कि ऑपरेशन कराने पर अस्पताल की ओर से स्टील के बर्तनों का सेट दिया जा रहा है. महिला को उपहार के रूप में एक थाली, एक ग्लास, एक प्याली, एक चम्मच और एक फ्राई पैन दिया गया था.
ऑडिट टीम ने महिला की तस्वीर उपहार में मिले बर्तनों के साथ ले ली. साथ ही उसे आई ड्रॉप और कुछ अन्य दवाएं भी दी गई थीं. यह पूरी जानकारी बीमा कंपनी ने स्वास्थ्य विभाग और योजना से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों को भेज दी गई. लेकिन रिपोर्ट देने के बावजूद भी अब तक किसी अधिकारी या संस्था के खिलाफ औपचारिक रूप से कार्रवाई होती नहीं दिखी रही है.