Back to Top

Facebook WhatsApp Telegram YouTube Instagram
Push Notification

🔔 Enable Notifications

Subscribe now to get the latest updates instantly!

Jharkhand News26 – fastest emerging e-news channel.
  • 2025-11-18

Political News: महाराष्ट्र में महायुति गठबंधन में दरार के संकेत, शिवसेना के कई मंत्री कैबिनेट बैठक में रहे गैरहाजिर

Political News: महाराष्ट्र की सियासत में फिर से हलचल तेज हो गई है. आज हुई कैबिनेट बैठक में शिवसेना के ज्यादातर मंत्री नदारद रहे. सिर्फ उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और शंभुराज देसाई ही बैठक में नजर आए. बाकी शिवसेना के मंत्री मंत्रालय तो पहुंचे लेकिन मीटिंग हॉल में कदम न रखा. सूत्र बताते हैं कि यह विरोध का एक साफ संकेत था. वजह थी बीजेपी में शिवसेना के नेताओं की लगातार हो रही ज्वाइनिंग खासकर डोंबिवली और उल्हासनगर जैसे इलाकों में.

बैठक खत्म होते ही शिवसेना के सभी मंत्री मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मिले. इस दौरान डोंबिवली में हुए हालिया प्रवेश पर उन्होंने खुलकर नाराजगी जताई. फडणवीस ने इसका करारा जवाब दिया. उन्होंने कहा आप लोग उल्हासनगर में तो यही खेल खेल चुके हैं. आप करेंगे तो ठीक और बीजेपी करेगी तो बुरा ऐसा नहीं चलेगा. आगे उन्होंने साफ लहजे में कहा अब से एक दूसरे के कार्यकर्ताओं को अपनी पार्टी में लेना बंद कर दें. लेकिन यह नियम दोनों तरफ से लागू होगा.

यह विवाद रविवार से ही गरमाया था जब शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट के प्रमुख यूथ लीडर दीपेश महात्रे अपने समर्थकों के साथ बीजेपी में शामिल हो गए. प्रदेश भाजपा अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण ने उनका स्वागत किया. इससे न सिर्फ उद्धव गुट को झटका लगा बल्कि शिंदे गुट के भी कई नेता नाराज हो गए. ज्वाइनिंग करने वालों में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व निगम पार्षद संतोष केने भी शामिल थे. इन घटनाक्रम ने स्थानीय निकाय चुनावों से ठीक पहले महायुति गठबंधन में खटास पैदा कर दी.

उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने इस पूरे प्रकरण को हल्का करने की कोशिश की. उन्होंने कहा मुझे बैठक में कोई नाराजगी नजर नहीं आई. कुछ मंत्री नामांकन पत्रों की जांच के सिलसिले में व्यस्त रहे होंगे. लेकिन सियासी जानकार मानते हैं कि यह सिर्फ शुरुआत है.

यह घटना महायुति गठबंधन के लिए खतरे की घंटी है क्योंकि स्थानीय निकाय चुनावों में सीट बंटवारे को लेकर पहले ही खींचतान चल रही है. बीजेपी की ज्वाइनिंग रणनीति से शिवसेना को लग रहा है कि उसका वोट बैंक छीना जा रहा है. फडणवीस का जवाब तो सख्त था लेकिन अगर शिंदे गुट ने सख्त रुख अपनाया तो गठबंधन में बड़ा संकट खड़ा हो सकता है. विपक्ष को इससे फायदा होगा और चुनावी माहौल और गर्म हो जाएगा. अब देखना यह है कि अजित पवार का एनसीपी गुट इस विवाद में किस तराजू का बंटता है.
WhatsApp
Connect With WhatsApp Cannel !