Big News: प्रवर्तन निदेशालय ने अवैध कोयला खनन और तस्करी के नेटवर्क पर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है. शुक्रवार सुबह रांची और कोलकाता जोन की संयुक्त टीमों ने झारखंड और पश्चिम बंगाल में एक साथ 42 से ज्यादा ठिकानों पर छापे मारे. कोयला चोरी से सरकार को सैकड़ों करोड़ के नुकसान का मामला है.
झारखंड में रांची जोन की टीम ने 18 ठिकानों पर दबिश दी. इनमें एलबी सिंह, अनिल गोयल, संजय उद्योग, अमर मंडल, नरेंद्र खरका जैसे बड़े कोयला कारोबारियों के घर और दफ्तर शामिल हैं. धनबाद के कोयला बेल्ट में सुबह से अफरातफरी का माहौल है. पश्चिम बंगाल में कोलकाता जोन की टीम 24 ठिकानों पर छापे मार रही है. दुर्गापुर, पुरुलिया, हावड़ा और कोलकाता के कई इलाकों में ईडी की गाड़ियां दिखीं. बंगाल के एक ठिकाने से भारी मात्रा में नकदी और सोने चांदी के जेवरात बरामद हुए हैं. राशि का आंकड़ा अभी सामने नहीं आया है लेकिन बरामदगी भारी मात्रा में है.
ईडी के पास खास इनपुट था कि कोयला चोरी का यह नेटवर्क झारखंड से बंगाल तक फैला हुआ है. खदानों से कोयला चुराकर बंगाल भेजा जाता था और वहां बेचकर काला धन बनाया जाता था. पिछले कई सालों से चल रहे इस खेल में अफसर ठेकेदार और तस्करों का गठजोड़ था.
ईडी का यह मेगा ऑपरेशन कोयला घोटाले की जड़ तक पहुंचने की सबसे सख्त कोशिश है. झारखंड और बंगाल को एक साथ टारगेट करना बताता है कि जांच अब अंतरराज्यीय नेटवर्क पर फोकस कर चुकी है. एलबी सिंह, अनिल गोयल जैसे नाम पहले भी सुर्खियों में रहे हैं और अब बंगाल से भारी कैश जेवरात मिलने से साफ है कि काले धन का खेल कितना बड़ा था. अगर ईडी ने दस्तावेज और डिजिटल सबूत जुटा लिए तो कई बड़े अफसर और कारोबारी जेल की राह पकड़ सकते हैं. कोयला बेल्ट के गरीब आदिवासी सालों से इस लूट के शिकार हैं और यह छापेमारी उनके लिए न्याय की पहली किरण है. लेकिन जांच राजनीतिक दबाव में दब न जाए यही सबसे बड़ी चुनौती रहेगी.