रक्षा मंत्रालय ने इस यूनिफॉर्म की नकल को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा संवेदनशील मामला बताते हुए
रक्षा मंत्रालय ने इस यूनिफॉर्म की नकल को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा संवेदनशील मामला बताते हुए स्पष्ट चेतावनी जारी की है। मंत्रालय के अनुसार यदि कोई व्यापारी, संस्था या व्यक्ति अवैध रूप से इस यूनिफॉर्म का डिजाइन कॉपी करता है या डिजिटल प्रिंट को दोहराने की कोशिश करता है, तो उसके खिलाफ डिज़ाइन अधिनियम 2001 और पेटेंट अधिनियम 1970 के तहत तुरंत सख़्त कार्रवाई की जाएगी। इसमें भारी आर्थिक जुर्माना, आपराधिक मुकदमा और अन्य दंडात्मक प्रावधान शामिल होंगे।
सेना का मानना है कि वर्दी की नकल रोकने से न केवल जवानों की पहचान
सेना का मानना है कि वर्दी की नकल रोकने से न केवल जवानों की पहचान और सुरक्षा सुनिश्चित होगी बल्कि फर्जी यूनिफॉर्म का इस्तेमाल कर होने वाले अपराधों, घुसपैठ या ठगी की घटनाओं पर भी लगाम लगेगी। विशेषज्ञों का कहना है कि पेटेंट मिलने से यह यूनिफॉर्म केवल अधिकृत चैनलों द्वारा ही निर्मित और वितरित की जा सकेगी, जिससे गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों का पूरा पालन होगा।
नई कॉम्बैट यूनिफॉर्म का डिज़ाइन ऐसा है जो जवानों को विभिन्न इलाकों
नई कॉम्बैट यूनिफॉर्म का डिज़ाइन ऐसा है जो जवानों को विभिन्न इलाकों—जंगल, पहाड़, रेगिस्तान और शहरी क्षेत्रों—में बेहतर तरीके से कैमोफ्लाज प्रदान करता है। तीन-लेयर फैब्रिक शरीर के तापमान को संतुलित रखता है, जबकि डिजिटल प्रिंट दुश्मन की नज़र और आधुनिक निगरानी तकनीकों से भी सैनिकों को सुरक्षित रखने में मदद करता है।
पेटेंट के बाद यह कदम भारतीय सेना की पहचान, गरिमा और सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा