Jamshedpur Big News: जमशेदपुर के सोनारी ग्वाला बस्ती स्थित अहाना प्रोजेक्ट में श्रम विभाग की टीम ने निरीक्षण किया. टीम ने यह जांच की कि साइट पर काम कर रहे मजदूरों का रजिस्ट्रेशन है या नहीं. अधिकारियों के अनुसार इस रजिस्ट्रेशन के तहत श्रमिकों को कई लाभ मिलते हैं जिनमें एक्सीडेंटल कवरेज भी शामिल है जो राज्य सरकार द्वारा दिया जाता है. बताया जा रहा है कि अहाना प्रोजेक्ट ASL Motors मालिक दिलीप गोयल, CBMD के मालिक अशोक गोयल, ललित अग्रवाल और नवीन अग्रवाल का संयुक्त प्रोजेक्ट है.
निरीक्षण में पाया गया कि साइट पर मौजूद कुल मजदूरों में करीब 95 प्रतिशत का रजिस्ट्रेशन नहीं है. टीम ने बताया कि रिकॉर्ड के अनुसार प्रोजेक्ट में 35 मजदूर काम कर रहे हैं जिनमें कई बिहार, बंगाल, झारखंड और मुर्शिदाबाद से आए प्रवासी मजदूर शामिल हैं.
अधिकारियों ने बताया कि जिन मजदूरों का रजिस्टरेशन नहीं है उनके संबंध में नोटिस जारी किया जाएगा और ठेकेदार को इन्हें रजिस्टर्ड कराना पड़ेगा. श्रम अधीक्षक ने यह भी कहा कि तीन महीने पहले भी टीम यहां आई थी और आवश्यक दस्तावेजों के बारे में ठेकेदार को जानकारी दी गई थी. इसके बावजूद ठेकेदार ने लाइसेंस और दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए.
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि गुजरात के ठेकेदार द्वारा बिना वैध लाइसेंस के काम कराया जा रहा है. प्रवासी मजदूर अधिनियम के तहत कोई लाइसेंस नहीं मिला. POCW एक्ट के तहत भी कोई रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं था. अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था को भी अपर्याप्त बताया.
श्रम विभाग अब कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की तैयारी में है. अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि प्रवासी मजदूरों को पूरा भुगतान करना होगा और आने-जाने का खर्च भी देना होगा. निरीक्षण टीम का नेतृत्व श्रम अधीक्षक जमशेदपुर सत्येन्द्र कुमार सिंह और उनकी टीम ने किया.
श्रम विभाग की यह कार्रवाई दर्शाती है कि निर्माण क्षेत्र में मजदूरों की सुरक्षा और अधिकारों को लेकर अभी भी गंभीर चूक सामने आती रहती है. बड़े प्रोजेक्ट्स में भी बेसिक रजिस्ट्रेशन, सुरक्षा मानकों और कानूनी लाइसेंस जैसे आवश्यक प्रावधानों की अनदेखी मजदूरों को जोखिम में डालती है. प्रवासी मजदूरों के हितों की रक्षा के लिए विभाग की यह जांच महत्वपूर्ण है और इससे भविष्य में प्रोजेक्ट संचालकों पर नियमों का पालन सुनिश्चित करने का दबाव बढ़ेगा.