लोध्या गांव में अवैध शराब का कारोबार कई महीनों से चल रहा था, जिससे गांव का सामाजिक माहौल बिगड़ रहा था और महिलाएं लगातार परेशान थीं. हालांकि, इस धंधे के खिलाफ खुलकर बोलने की हिम्मत कोई नहीं जुटा पा रहा था.
इसी बीच, चतरा के पुलिस अधीक्षक (SP) सुमित अग्रवाल को इस अवैध धंधे के बारे में गुप्त सूचना मिली. एसपी के निर्देश पर, तत्काल कार्रवाई करते हुए एसडीपीओ के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई.
पुलिस टीम जब लोध्या की तरफ बढ़ी, तो ग्रामीणों में उम्मीद जगी. टीम ने लक्षित स्थानों पर पहुँचते ही पाया कि बड़े-बड़े ड्रमों में जावा महुआ छिपाकर रखा गया था, और कई भट्ठियां धीमी आग पर चालू थीं. पुलिस ने बिना समय गंवाए पहली भट्ठी को तोड़ा और अवैध रूप से रखे गए जावा महुआ को नष्ट करना शुरू कर दिया.
इस अभियान के दौरान, एक-एक कर कई भट्ठियां ध्वस्त की गईं और मौके से 20 ड्रम से अधिक जावा महुआ को नष्ट किया गया. पुलिस की इस निर्णायक कार्रवाई को देखकर आसपास के घरों से कई महिलाएं बाहर आईं. उन्होंने दूर से ही राहत की सांस ली. एक महिला ने दबी जुबान में कहा कि इस कार्रवाई से उन्हें उम्मीद है कि उनके परिवार के पुरुष नशे के गलत रास्ते से वापस लौटेंगे. पुलिस का यह अभियान इलाके में अवैध शराब के कारोबारियों के लिए एक कड़ा संदेश है.