Jamshedpur News: जमशेदपुर के मानगो फ्लाइओवर निर्माण कार्य को लेकर तीन दिनों से जारी तनाव के बीच मंगलवार को स्थानीय लोगों और व्यवसायियों के विरोध के बाद काम रोक दिया गया है. लोगों का कहना था कि उन्हें निर्माण से एतराज नहीं लेकिन फुटपाथी दुकानों को जबरिया हटाए जाने और सड़क को वन-वे करने से उनका व्यापार बुरी तरह प्रभावित हो रहा था. स्थानीय निवासियों का कहना था कि छोटे व्यवसाय बंद होंगे तो आजीविका संकट में पड़ जाएगी.
जानकारी के मुताबिक, निर्माण के लिए मानगो चौक से गांधी मैदान तक वन-वे लागू कर दिया गया था. इस रूट पर केवल दोपहिया वाहनों को अनुमति थी. चार पहिया वाहनों को दाईगुट्टू और गांधी मैदान होते हुए उलीडीह बिरसा रोड की ओर डायवर्ट किया जा रहा था. इससे हजारों लोग प्रतिदिन परेशानी झेल रहे थे.
सुबह साढ़े 8 बजे मानगो चौक से लेकर बड़ा हनुमान मंदिर तक दुकानों के बंद होने और मार्ग अवरुद्ध होने की सूचना स्थानीय एनडीए कार्यकर्ताओं को मिली. व्यवसायियों ने बताया कि न्यू पुरुलिया रोड को वन वे करने से मानगो बाजार में प्रवेश कठिन हो गया है और व्यापार लगभग ठप हो गया है.
मामले की जानकारी मिलने पर जमशेदपुर पश्चिमी से विधायक सरयू राय के जनसुविधा प्रतिनिधियों और एनडीए कार्यकर्ताओं ने मौके पर पहुंचकर फ्लाइओवर निर्माण कंपनी के साइट इंचार्ज नीलेश जाधव से बातचीत की. स्थानीय निवासियों की मांग रखी गई कि पहले डिमना रोड फ्लाइओवर को पूरा किया जाए और उस पर आवागमन शुरू होने के बाद मानगो की ओर काम किया जाए. लोगों का कहना था कि डिमना रोड फ्लाइओवर चालू होने से लोड कम होगा और समस्या नहीं बढ़ेगी.
वार्ता के बाद साइट इंचार्ज ने तुरंत काम रोकने का निर्देश दिया और कहा कि शीर्ष अधिकारियों को स्थिति से अवगत कराकर आगे की सूचना दी जाएगी. इसके बाद मानगो चौक, आकाशगंगा और गणगौर स्वीट्स के पास लगी बैरिकेडिंग हटा दी गई और मार्ग दोनों दिशाओं से खोल दिया गया.
मौके पर नीरज सिंह, पप्पू सिंह, पिंटू सिंह, संतोष भगत, उपेंद्र सिंह मस्तान, विनोद राय, प्रवीण सिंह, आकाश साह, संजय सिंह, मनोज ओझा, विकास साहनी, मनोज गुप्ता, राजेश श्रीवास्तव, विजेंद्र सिंह, भवानी सिंह, मोनू पांडेय, अंकेश श्रीवास्तव, टुनटुन सिंह, राणा सिंह और एनडीए के अन्य कार्यकर्ता मौजूद थे.
मानगो फ्लाइओवर निर्माण की योजना लंबे समय से शहर के ट्रैफिक दबाव को कम करने के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है. लेकिन जमीन पर क्रियान्वयन की तैयारी और वैकल्पिक व्यवस्था कमजोर रहने के कारण स्थानीय लोगों को असुविधा झेलनी पड़ी. डिमना रोड फ्लाइओवर को पहले पूरा करने की मांग भी इसी वजह से उठी है ताकि ट्रैफिक का दबाव कम हो सके. निर्माण कार्य रोके जाने से तत्काल राहत तो मिली है लेकिन स्थायी समाधान के लिए समयबद्ध और चरणबद्ध निर्माण रणनीति जरूरी होगी.