Jharkhand News: झारखंड एग्रीकल्चर मशीनरी टेस्टिंग एंड ट्रेनिंग सेंटर (JAMTTC) के कार्यपालक निदेशक आरपी सिंह का अनुबंध सितंबर 2025 में समाप्त हो चुका है. इसके बावजूद वह अब भी कार्यालय आकर काम कर रहे हैं. सरकार ने तीसरी बार अनुबंध नवीनीकरण के प्रस्ताव को रद्द कर दिया है.
जानकारी के अनुसार, अनुबंध समाप्त होने से पहले आरपी सिंह ने कृषि विभाग को पत्र लिख कर यह कहा था कि वैकल्पिक व्यवस्था होने तक वह रूटीन काम करना चाहते हैं. विभाग ने इस पत्र पर कोई जवाब नहीं दिया. इसके बाद भी आरपी सिंह ने स्वयं के पत्र का हवाला देते हुए पद पर बने रहना जारी रखा है.
रिटायरमेंट के बाद आरपी सिंह को एक वर्ष के लिए अनुबंध पर JAMTTC का कार्यपालक निदेशक बनाया गया था. इसके बाद दूसरी बार भी अवधि विस्तार दिया गया. दूसरी बार मिला अनुबंध चार सितंबर को समाप्त हो गया. तीसरी बार अनुबंध बढ़ाने के लिए कृषि विभाग ने दो बार फाइल भेजी, लेकिन वित्त विभाग ने इस पर आपत्ति जताते हुए इसे रद्द कर दिया.
JAMTTC किसानों के बीच कृषि उपकरण वितरण और प्रशिक्षण की महत्वपूर्ण इकाई है. इस केंद्र के माध्यम से किसानों को ट्रैक्टर सहित अन्य मशीनरी उपलब्ध कराई जाती है. सरकार ने वित्तीय वर्ष 2023-24 और 2024-25 के दौरान तय राशि को चालू वित्तीय वर्ष में खर्च करने की अनुमति दी है, जिससे वर्ष 2025-26 में किसानों को कृषि उपकरण बांटे जाएंगे.
JAMTTC के कार्यपालक निदेशक पद पर अनुबंध खत्म होने के बाद भी आरपी सिंह का पद पर बने रहना प्रशासनिक शुचिता और प्रक्रिया के पालन पर सवाल खड़े करता है. वित्त विभाग ने जब दो बार आपत्ति दर्ज कर अनुबंध को रोका, तब विभागीय स्तर पर स्पष्ट निर्देश न जारी करना प्रणाली की कमजोरी को दर्शाता है. ऐसे मामलों से संस्थानों की पारदर्शिता प्रभावित होती है और यह संदेश जाता है कि नियमों से अधिक व्यक्तिगत पहल हावी हो सकती है.