Jharkhand News: झारखंड में छात्रवृत्ति के भुगतान में लंबे समय से हो रही देरी के विरोध में छात्रों का आंदोलन तेज होता जा रहा है. इसी मुद्दे को लेकर अखिल झारखंड छात्र संघ (AJSU) की छात्र इकाई के नेतृत्व में बड़ी संख्या में छात्र मोरहाबादी स्थित बापू वाटिका से राजभवन तक पैदल मार्च पर निकले. छात्रों का आरोप है कि पिछले डेढ़ से दो साल से लंबित छात्रवृत्तियों का भुगतान नहीं किया गया है, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है.
छात्र नेताओं ने कहा कि सरकार इस मामले पर गंभीर पहल नहीं कर रही है. संगठन के प्रदेश अध्यक्ष ओम वर्मा ने कहा कि सरकार छात्रों की समस्याओं को नजरअंदाज कर रही है और छात्रवृत्ति पर निर्भर कई छात्रों की शिक्षा संकट में है. इसी स्थिति को दिखाने के लिए छात्रों ने कटोरा लेकर सड़क पर उतरकर शिक्षा के लिए भिक्षा मांगने का प्रतीकात्मक प्रदर्शन किया, ताकि सरकार उनकी मजबूरी को समझ सके.
संगठन के कार्यकारी अध्यक्ष बबलू महतो ने बताया कि जब छात्रों ने कल्याण विभाग के अधिकारियों से मिलने की कोशिश की, तो उनसे बातचीत भी नहीं की गई. उनका कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों को पुलिस पकड़कर थाने ले गई, जो उनकी मांगों के प्रति असंवेदनशील रवैया दिखाता है.
छात्रों ने सवाल उठाया कि जब सरकार अन्य योजनाओं का भुगतान समय पर कर सकती है, तो छात्रवृत्ति को लेकर देरी क्यों की जा रही है. कई छात्रों ने बताया कि फीस भरने के लिए उन्हें कर्ज लेना पड़ रहा है और अगर जल्द छात्रवृत्ति जारी नहीं हुई, तो कई गरीब छात्रों को पढ़ाई छोड़नी पड़ सकती है.
राजभवन तक निकाले गए मार्च में छात्रों ने सरकार के खिलाफ नारे लगाए और चेतावनी दी कि अगर जल्द समाधान नहीं निकला, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा. फिलहाल छात्रों की नजर इस बात पर है कि सरकार इस मांग पर क्या कदम उठाती है.
छात्रवृत्ति भुगतान में देरी शिक्षा व्यवस्था की सबसे गंभीर समस्याओं में से एक बनी हुई है. यह मामला केवल वित्तीय सहायता का नहीं, बल्कि उन छात्रों के भविष्य से जुड़ा है जो इसी पर निर्भर रहकर आगे बढ़ना चाहते हैं. राज्य सरकार की ओर से जल्द निर्णय न होने की स्थिति आंदोलन को और उग्र बना सकती है.